वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में शिक्षकों की 12 घंटे ड्यूटी का विरोध, एक पारी में ड्यूटी लगाने की उठी मांग

पाली : राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने आगामी वरिष्ठ अध्यापक भर्ती प्रतियोगी परीक्षा-2025 के दौरान शिक्षकों की लगातार दो पारियों में लगाई जा रही ड्यूटी का विरोध करते हुए इसे बदलने की मांग की है। संगठन ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि शिक्षकों की ड्यूटी केवल एक ही पारी में लगाई जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक मानसिक और शारीरिक दबाव का सामना न करना पड़े।
इस संबंध में प्रदेश उपाध्यक्ष राधेश्याम सोनी के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) ओम प्रभा को जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि 12 से 17 जुलाई तक आयोजित होने वाली वरिष्ठ अध्यापक भर्ती प्रतियोगी परीक्षा के दौरान कई शिक्षकों की ड्यूटी दोनों पारियों में लगाई जा रही है। इससे उन्हें लगातार करीब 12 घंटे तक परीक्षा केंद्रों पर कार्य करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि दोनों पारियों के बीच भोजन के लिए केवल 15 मिनट का समय मिलता है, जो पर्याप्त नहीं है। लगातार लंबे समय तक ड्यूटी करने से शिक्षकों पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ता है तथा कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है।
शिक्षक संघ ने ज्ञापन में विशेष रूप से महिला शिक्षकों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लगातार दो पारियों में ड्यूटी होने से उन्हें घर और नौकरी के बीच संतुलन बनाने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। संगठन का कहना है कि यदि एक ही पारी में ड्यूटी लगाई जाए तो शिक्षकों के साथ-साथ परीक्षा व्यवस्था भी अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेगी।
ज्ञापन में संगठन ने सुझाव दिया कि परीक्षा अवधि के दौरान प्रतिदिन रोटेशन प्रणाली के आधार पर अलग-अलग वीक्षकों की ड्यूटी लगाई जाए। इससे सभी शिक्षकों पर समान कार्यभार रहेगा और किसी भी शिक्षक को लगातार पूरे दिन ड्यूटी नहीं करनी पड़ेगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला मंत्री रतनलाल बारूपाल, उपाध्यक्ष पंकज शर्मा, अम्बुज पचौरी, ब्लॉक अध्यक्ष यजुवेंद्र खेमलानी, नरेंद्र सिंह, सुखदेव चारण, धनराज डाबी, नरेंद्र सिंह केतु, बंशीलाल, संजय ओझा, भरत रामावत, अश्विनी जोशी, नरपत सिंह राजपुरोहित, देवीलाल मालवीय, दिलदार बागवान, प्रतिभा पाण्डे, किरण बाला जांगिड़, प्रतिभा नवल, भागवंती बालोत, नीलम सोलंकी और प्रतिमा सिन्हा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
शिक्षक संघ ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा ड्यूटी व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करेगा, जिससे परीक्षा का संचालन भी सुचारु रहेगा और शिक्षकों को भी राहत मिल सकेगी।



