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ग्रामीण सेवा शिविर में वर्षों का इंतजार खत्म, राजूराम को मौके पर मिला पैतृक भूमि का पट्टा

पाली : राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल ग्रामीण सेवा शिविर-2026 ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन की वर्षों पुरानी समस्याओं का त्वरित समाधान कर राहत पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनते जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को ग्राम पंचायत भांगेसर में आयोजित शिविर में एक परिवादी को वर्षों से लंबित राजस्व मामले में बड़ी राहत मिली। प्रशासन ने ग्राम भांगेसर निवासी राजूराम पुत्र मांगीलाल प्रजापत को उनकी पैतृक भूमि का पट्टा मौके पर ही जारी कर दिया।

राजूराम ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी पुश्तैनी भूमि का स्वामित्व प्रमाण-पत्र (पट्टा) बनवाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उचित मार्गदर्शन और प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने के कारण उनका कार्य लगातार लंबित था। ग्रामीण सेवा शिविर में उन्होंने ग्राम पंचायत भांगेसर के विकास अधिकारी एवं शिविर प्रभारी भगवान सिंह राठौड़ के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया।

आवेदन प्राप्त होते ही अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की और शिविर स्थल पर ही भूमि का पट्टा जारी कर दिया। वर्षों से लंबित समस्या का तत्काल समाधान होने पर राजूराम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन, विकास अधिकारी और राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीणों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं, जहां बिना अनावश्यक भागदौड़ के सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पंचायत, आवास, पट्टा, प्रमाण-पत्र और अन्य जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाना है। प्रशासन का दावा है कि शिविरों के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों का मौके पर समाधान कर आमजन को उनके अधिकार दिलाए जा रहे हैं।

इस अवसर पर उपखंड अधिकारी, नायब तहसीलदार, अतिरिक्त विकास अधिकारी, मनोज भाटी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

वहीं 15 जुलाई को पाली उपखंड की निम्बली उर्रा, रोहट के सोनाईलाखा, सोजत के धाकड़ी और धिनावास, मारवाड़ जंक्शन के जाडन, देसूरी के नाडोल, रानी के वणदार, बाली के खीमेल और धणी तथा सुमेरपुर के नेतरा में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित होंगे।

ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से प्रशासन का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को गांवों तक पहुंचाकर “समस्या का समाधान, गांव के द्वार” की अवधारणा को साकार करना है।

Rajasthan Today

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