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पाली जिला कारागृह का औचक निरीक्षण, बंदियों से सीधे संवाद, भोजन, स्वास्थ्य और कानूनी सहायता व्यवस्थाओं की परखी हकीकत

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार गुरुवार को पाली जिला कारागृह का औचक निरीक्षण कर जेल व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार और सचिव (अपर जिला न्यायाधीश) विक्रम सिंह भाटी ने जेल में बंद कैदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और कानूनी सहायता जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का मूल्यांकन किया।

निरीक्षण के दौरान जिला कारागृह में 85 बंदी निरुद्ध पाए गए। न्यायिक अधिकारियों ने बंदियों से व्यक्तिगत बातचीत कर भोजन की गुणवत्ता, चिकित्सकीय सुविधाओं, पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली और व्यवस्थाओं को लेकर उनकी राय भी जानी।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देते हुए कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कोई भी बंदी न्याय से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी बंदी केवल अधिवक्ता उपलब्ध नहीं होने के कारण जेल में निरुद्ध न रहे।

निरीक्षण के दौरान ऐसे मामलों की भी समीक्षा की गई जिनमें बंदियों की जमानत स्वीकृत होने के बावजूद वे अभी तक अभिरक्षा में हैं। न्यायिक अधिकारियों ने संबंधित बंदियों को उनके प्रकरणों की वर्तमान स्थिति से भी अवगत कराया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बंदियों से जेल में कार्यों के वितरण की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली। बंदियों ने बताया कि कारागृह में किसी भी प्रकार का जातीय या धार्मिक भेदभाव नहीं किया जाता। सभी कार्य रोटेशन प्रणाली के तहत समान रूप से आवंटित किए जाते हैं और किसी भी बंदी के साथ उसकी जाति, धर्म, वर्ग, लिंग या आर्थिक स्थिति के आधार पर अलग व्यवहार नहीं किया जाता।

न्यायिक अधिकारियों ने जेल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की। जानकारी दी गई कि सभी बंदियों का नियमित ओपीडी के दौरान स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है तथा किसी भी गंभीर स्थिति में उन्हें तत्काल राजकीय बांगड़ अस्पताल, पाली रेफर किया जाता है, ताकि समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

निरीक्षण के दौरान कारापाल जोराराम, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल मानसिंह आशिया, सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल अल्ताफ हुसैन सहित जिला कारागृह के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल का उद्देश्य जेलों में बंद व्यक्तियों के मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना, उन्हें समय पर न्यायिक सहायता उपलब्ध कराना तथा कारागृहों में पारदर्शी और संवेदनशील व्यवस्थाओं को मजबूत करना है।

Rajasthan Today

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