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‘आओ गांव चलें’ अभियान बना बदलाव की मिसाल, प्रवासी भामाशाहों ने शिक्षा के लिए बढ़ाया मदद का हाथ

पाली : जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की पहल पर शुरू किया गया ‘आओ गांव चलें’ अभियान अब ग्रामीण विकास और शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल बनता जा रहा है। अभियान का उद्देश्य प्रवासी पालीवासियों को अपनी जन्मभूमि से जोड़कर गांवों के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसी सोच से प्रेरित होकर प्रवासी भामाशाह लगातार शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के कार्यों में सहयोग दे रहे हैं।

इसी क्रम में शाह प्रताप कपूर साकरीया चैरिटेबल ट्रस्ट, सांडेराव ने लगभग 10 लाख रुपये की लागत से सुमेरपुर ब्लॉक की सांडेराव ग्राम पंचायत के सभी राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को स्कूल बैग, नोटबुक, वाटर बोतल और अन्य स्टेशनरी सामग्री उपलब्ध कराई। इस पहल से सैकड़ों विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिला और शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ा।

अभियान के तहत पाली ब्लॉक के 10 राजकीय विद्यालयों में कुल 100 स्टडी डेस्क वितरित किए गए। इन डेस्कों से विद्यार्थियों को बेहतर, व्यवस्थित और सुविधाजनक अध्ययन वातावरण उपलब्ध होगा।

स्टडी डेस्क का वितरण इस प्रकार किया गया—
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय अकड़ावास पुरोहितान – 10
राजकीय प्राथमिक विद्यालय मीणों की ढाणी, डरी – 8
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जब्बरगढ़ की ढाणी, डरी – 27
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मादड़ी ढाणी – 15
राजकीय प्राथमिक विद्यालय बावरियों की ढाणी, डेंडा – 9
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय डेंडा – 7
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गुड़ा सोनिगरा – 6
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जैतपुरा – 12
राजकीय प्राथमिक विद्यालय आईजीपी की ढाणी, गिरादड़ा खालसा – 2
राजकीय प्राथमिक विद्यालय डूंगजी का बेरा, सांपा – 4
‘प्रवासी अपने गांवों के विकास में निभा रहे अहम भूमिका’

जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने कहा कि ‘आओ गांव चलें’ अभियान केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि अपनी मातृभूमि के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का अभियान है। इसके माध्यम से देश-विदेश में रह रहे प्रवासी पालीवासी शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनवाड़ी, पेयजल, आधारभूत सुविधाओं और अन्य जनहित कार्यों में सहयोग कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई गति मिल रही है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य समाज और प्रवासी भामाशाहों की सहभागिता से गांवों में स्थायी विकास मॉडल तैयार करना है, ताकि शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

जिला प्रवासी प्रकोष्ठ प्रभारी ने बताया कि अभियान से जुड़कर अपने गांव के विकास में योगदान देने के इच्छुक प्रवासी पालीवासी जिला प्रशासन से व्हाट्सएप और ई-मेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन लगातार प्रवासी समाज के साथ संवाद स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने का प्रयास कर रहा है।

प्रशासन का मानना है कि यदि प्रत्येक प्रवासी अपने गांव के लिए छोटी-सी जिम्मेदारी भी निभाए, तो पाली जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में व्यापक बदलाव संभव है।

Rajasthan Today

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