पाली में सड़कों पर घूम रहे नंदी गौवंश होंगे शिफ्ट, हादसे रोकने के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला

पाली : शहर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा नंदी गौवंश के कारण लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय गोपालन समिति की बैठक में शहर एवं हाईवे पर विचरण कर रहे नंदी गौवंशों को जिले की दो निर्माणाधीन नंदीशालाओं में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया। यह कदम सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और गौवंश संरक्षण—तीनों उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. मनोज कुमार पंवार ने बताया कि राज्य सरकार की नंदीशाला योजना के तहत जिले में दो आधुनिक नंदीशालाओं का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें श्री शानिधाम नंदीशाला, हरिपुर (रायपुर) तथा श्री पिंजरापोल गौशाला, खातीखेड़ा (पाली) शामिल हैं।
दोनों नंदीशालाओं के निर्माण पर प्रत्येक के लिए लगभग 1.57 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। यहां गौवंश के लिए छाया, स्वच्छ पेयजल, चारे और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
डॉ. पंवार ने बताया कि 29 जुलाई 2026 को आयोजित जिला स्तरीय गोपालन समिति की बैठक में निर्माणाधीन नंदीशालाओं का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जांच रिपोर्ट संतोषजनक पाए जाने के बाद निर्णय लिया गया कि शहर और हाईवे पर घूम रहे नंदी गौवंशों को इन नंदीशालाओं में स्थानांतरित किया जाएगा।
प्रत्येक नंदीशाला में कम से कम 250 नंदी गौवंश रखे जाएंगे। निर्धारित संख्या पूरी होने के बाद इन नंदीशालाओं को राज्य सरकार से मिलने वाली अनुदान प्रक्रिया भी पूर्ण हो सकेगी।
प्रशासन का मानना है कि इस निर्णय से शहर और हाईवे पर आवारा नंदी गौवंश के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही गौवंश को सुरक्षित और व्यवस्थित आश्रय मिलेगा, जहां उनके भोजन, पानी और देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को नंदी गौवंशों के चरणबद्ध स्थानांतरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आमजन की सुरक्षा के साथ-साथ गौ संरक्षण के उद्देश्य को भी प्रभावी रूप से पूरा किया जा सके।



