सेवानिवृत्ति को बनाया यादगार, बेटे की स्मृति में सरकारी स्कूल को भेंट किया भव्य मुख्य द्वार, शिक्षिका की अनूठी मिसाल

पाली/रोहट : सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति का दिन अधिकांश लोगों के लिए विदाई का अवसर होता है, लेकिन रोहट उपखंड मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय की प्रधानाचार्य सीमा त्रिवेदी ने इस दिन को सेवा, संवेदनशीलता और शिक्षा के प्रति समर्पण की ऐसी मिसाल बना दिया, जिसकी पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
वर्षों तक विद्यालय को अपना परिवार मानकर सेवा देने वाली प्रधानाचार्य सीमा त्रिवेदी ने अपने कार्यकाल की अंतिम बेला में विद्यालय को एक अनमोल सौगात दी। उन्होंने अपने दिवंगत पुत्र श्रेयांश त्रिवेदी की स्मृति में विद्यालय के बाहर जोधपुरी पत्थर से निर्मित भव्य मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण करवाकर सेवानिवृत्ति के दिन उसका लोकार्पण किया और विद्यालय परिवार को समर्पित कर दिया।
प्रधानाचार्य सीमा त्रिवेदी का विद्यालय से इतना गहरा लगाव था कि उन्होंने अपने विदाई दिवस को भी विद्यालय के विकास के नाम कर दिया। वर्षों तक विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने वाली शिक्षिका ने अपने पुत्र की स्मृति को शिक्षा से जोड़ते हुए यह प्रेरणादायी कार्य किया। उनके इस कदम को शिक्षा के प्रति समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।
प्रधानाचार्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान सीमा त्रिवेदी ने विद्यालय में भामाशाहों और समाजसेवियों के सहयोग से अनेक विकास कार्य करवाए। विद्यालय के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। सेवानिवृत्ति के अवसर पर मुख्य द्वार का निर्माण उनकी उसी सोच और विद्यालय के प्रति आत्मीयता का प्रतीक बन गया।
मुख्य द्वार का लोकार्पण सीमा त्रिवेदी एवं जयशंकर त्रिवेदी ने विधिवत किया। इसके बाद इस भव्य प्रवेश द्वार को विद्यालय परिवार को समर्पित कर दिया गया।
विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थियों और स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिक्षक केवल पढ़ाते ही नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी छोड़ जाते हैं।
विद्यालय को मिली इस अनूठी सौगात पर कस्बे के ग्रामीणों एवं शिक्षा प्रेमियों ने प्रधानाचार्य सीमा त्रिवेदी का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि यह मुख्य द्वार आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा के प्रति समर्पण और सेवा की भावना का संदेश देता रहेगा।
इस अवसर पर आशा मिश्रा, ललित मोहन पाठक, प्रमिला पाठक, महेंद्र त्रिपाठी, नंदा त्रिपाठी, आलोक मिश्रा, दीपिका मिश्रा, सुबोध मिश्रा, सुरेखा मिश्रा, आभा तिवारी, नंदकिशोर त्रिवेदी, अनुराधा त्रिवेदी सहित परिवारजन, विद्यालय से जुड़े लोग और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्रधानाचार्य सीमा त्रिवेदी की यह पहल इस बात का संदेश देती है कि सच्चा शिक्षक सेवा से कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, बल्कि अपने कार्यों और मूल्यों के माध्यम से समाज में हमेशा जीवित रहता है।



