पाली में ईमानदारी की मिसाल, नगर निगम के संविदाकर्मियों ने 90 वर्षीय बुजुर्ग का खोया मोबाइल लौटाया, छलक पड़े खुशी के आंसू

पाली : आज के दौर में जहां खोई हुई वस्तु के वापस मिलने की उम्मीद कम ही रहती है, वहीं पाली शहर में ईमानदारी और मानवता की एक ऐसी मिसाल सामने आई है जिसने लोगों का विश्वास फिर से मजबूत कर दिया। नगर निगम के संविदाकर्मी प्रदीप हंस और अजय बारेशा ने अपनी जिम्मेदारी और ईमानदारी का परिचय देते हुए 90 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक डॉ. अम्बादान का खोया हुआ महंगा मोबाइल सुरक्षित उनके घर पहुंचाकर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया। इस नेक कार्य में नयी किरण संस्थान की राजश्री चौहान ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आदर्श नगर निवासी 90 वर्षीय डॉ. अम्बादान ने बताया कि मंगलवार सुबह वे रोजाना की तरह पैदल दूध लेने गए थे। इसी दौरान ठोकर लगने से वे गिर पड़े। घर लौटने के बाद उन्हें पता चला कि उनकी जेब से उनका महंगा मोबाइल कहीं रास्ते में गिर गया है।
मोबाइल में वर्षों का महत्वपूर्ण डाटा, जरूरी दस्तावेज और कई अहम संपर्क नंबर सुरक्षित थे। ऐसे में मोबाइल खोने से वे बेहद चिंतित और असहाय महसूस करने लगे।
कुछ देर बाद नगर निगम की कचरा संग्रहण गाड़ी लेकर ड्यूटी पर जा रहे संविदाकर्मी प्रदीप हंस और अजय बारेशा को एक युवक से मोबाइल मिलने की जानकारी मिली। दोनों कर्मियों ने मोबाइल अपने पास सुरक्षित रखा और उसके वास्तविक मालिक को खोजने का प्रयास शुरू किया।
उन्होंने मोबाइल में मौजूद कई नंबरों पर कॉल किए, लेकिन किसी से संपर्क नहीं हो सका। आखिरकार मोबाइल में सेव नयी किरण संस्थान की राजश्री चौहान का नंबर मिला। उनसे संपर्क करने पर मोबाइल के मालिक डॉ. अम्बादान का पता और जानकारी प्राप्त हुई।
अगले दिन जब नगर निगम की टीम कचरा संग्रहण के लिए डॉ. अम्बादान के घर पहुंची तो प्रदीप हंस और अजय बारेशा ने राजश्री चौहान के सहयोग से उनका मोबाइल सुरक्षित लौटा दिया।
अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर 90 वर्षीय डॉ. अम्बादान भावुक हो उठे। उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में ईमानदार और संवेदनशील लोग मौजूद हैं, जिनकी वजह से मानवता पर विश्वास कायम है।
डॉ. अम्बादान ने नगर निगम के दोनों संविदाकर्मियों तथा नयी किरण संस्थान की राजश्री चौहान का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें दुआएं दीं। उन्होंने अपनी खुशी से दोनों कर्मियों को सम्मानस्वरूप प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की और कहा कि ऐसे लोगों की ईमानदारी समाज के लिए प्रेरणा है।
यह घटना केवल एक मोबाइल लौटाने की नहीं, बल्कि यह संदेश देती है कि ईमानदारी, संवेदनशीलता और मानवता आज भी जीवित है। नगर निगम के दोनों कर्मियों और राजश्री चौहान ने अपने व्यवहार से यह साबित कर दिया कि सच्ची सेवा और नेकनीयती किसी भी पद या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती।



