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‘सशक्त युवा-समर्थ राष्ट्र’ के संकल्प के साथ पाली में दो दिवसीय युवा सम्मेलन, 14-15 अगस्त को होंगे तीन विशेष सत्र

पाली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ध्येय यात्रा के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पाली में 14 एवं 15 अगस्त को दो दिवसीय ‘युवा सम्मेलन’ श्रृंखला का आयोजन किया जाएगा। ‘सशक्त युवा-समर्थ राष्ट्र’ के ध्येय वाक्य के साथ होने वाले इन सम्मेलनों का आयोजन चादर वाले बालाजी के सामने स्थित अग्रसेन वाटिका में किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय युवा प्रतिभाओं को एक मंच पर लाकर उनके अनुभव, ज्ञान, प्रतिभा और ऊर्जा को व्यापक सामाजिक सरोकारों तथा राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में डॉक्टर, अधिवक्ता, उद्यमी, चार्टर्ड अकाउंटेंट, शिक्षक सहित विभिन्न व्यावसायिक एवं सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े युवा शामिल होंगे।

जिला संघचालक नेमीचंद अखावत ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन के दौरान युवाओं के साथ विभिन्न विषयों पर संवाद सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक जे. नंदकुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहकर युवा प्रतिभाओं से सीधा संवाद करेंगे।

सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं को केवल उनके व्यावसायिक क्षेत्र तक सीमित न रखते हुए उनके ज्ञान और अनुभव को समाज एवं राष्ट्र की व्यापक आवश्यकताओं से जोड़ना है। बदलते सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी परिवेश में युवा अपनी भूमिका को किस तरह अधिक प्रभावी बना सकते हैं, इस विषय पर भी विचार-विमर्श होगा।

आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन को तीन अलग-अलग सत्रों में आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक सत्र में अलग क्षेत्र की युवा प्रतिभाओं और अतिथियों की सहभागिता रहेगी।

पहला सत्र – 14 अगस्त, शुक्रवार
सायं 5 बजे आयोजित होने वाले प्रथम सत्र में डॉ. सुखदेव चौधरी, सहायक आचार्य, मेडिसिन विभाग, राजकीय बांगड़ चिकित्सालय पाली, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

दूसरा सत्र – 15 अगस्त, शनिवार
प्रातः 11 बजे होने वाले द्वितीय सत्र में युवा उद्यमी प्रदीप जैन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस सत्र में युवाओं और उद्यमिता से जुड़े विषयों पर संवाद होगा।

तीसरा सत्र – 15 अगस्त, शनिवार
सायं 5 बजे आयोजित होने वाले तीसरे सत्र में अंतरराष्ट्रीय कवयित्री आयुषी राखेचा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी। इस सत्र में साहित्य, संस्कृति और युवाओं की सामाजिक भूमिका से जुड़े विषयों पर संवाद की संभावना रहेगी।

जिला संघचालक नेमीचंद अखावत ने बताया कि आज के दौर में युवा वर्ग के पास तकनीकी ज्ञान, व्यावसायिक दक्षता और नए विचारों की व्यापक क्षमता है। ऐसे में आवश्यकता इस बात की है कि युवा शक्ति को समाज के व्यापक हित और राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जोड़ा जाए।

सम्मेलन में युवाओं के सामने बदलती सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों, तकनीकी बदलावों और समाज की नई चुनौतियों को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही युवाओं को अपनी प्रतिभा एवं क्षमता का उपयोग सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार दोनों दिनों में होने वाले कार्यक्रमों में विभिन्न क्षेत्रों की बड़ी संख्या में युवा प्रतिभाओं की उपस्थिति रहेगी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित हो रही यह सम्मेलन श्रृंखला युवाओं के बीच संवाद, विचार-विमर्श और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण मंच के रूप में प्रस्तुत की जा रही है।

Rajasthan Today

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