युवाओं को कानून की जानकारी से सशक्त बनाने की पहल, विधि महाविद्यालय में हुआ विधिक जागरूकता कार्यक्रम

पाली : युवाओं को उनके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों और न्याय व्यवस्था की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पाली की ओर से राजकीय विधि महाविद्यालय में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार नालसा जागृति योजना-2025 के तहत ‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने विद्यार्थियों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों और आमजन के लिए उपलब्ध विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी दी।
सचिव विक्रम सिंह भाटी ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों, संविधान के मूल्यों, किशोर न्याय व्यवस्था तथा निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा को अपने अधिकारों की जानकारी होने के साथ कानून एवं संविधान के प्रति अपने दायित्वों को भी समझना चाहिए।
उन्होंने कानून के साथ संघर्षरत किशोरों के अधिकारों तथा पहली बार अपराध करने वाले युवाओं के लिए उपलब्ध विधिक सहायता और पुनर्वास से संबंधित प्रावधानों की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी।

कार्यक्रम में वर्तमान समय में युवाओं के सामने बढ़ती साइबर चुनौतियों पर विशेष चर्चा की गई। विद्यार्थियों को साइबर अपराध, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी सहित डिजिटल माध्यम से होने वाले अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए।
विद्यार्थियों को किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सावधानी बरतने तथा साइबर अपराध की स्थिति में उपलब्ध सहायता तंत्र का उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया।
सचिव भाटी ने स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इसमें किस प्रकार के प्रकरण दायर किए जा सकते हैं और प्रकरण दायर करने की प्रक्रिया क्या है। उन्होंने प्री-लिटिगेशन प्रक्रिया के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी।
इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विभिन्न आयामों, निःशुल्क विधिक सहायता एवं उसकी पात्रता, पीड़ित प्रतिकर योजना, मध्यस्थता और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में पॉश एक्ट, शी-बॉक्स पोर्टल सहित महिलाओं की सुरक्षा एवं कार्यस्थल पर उत्पीड़न से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा नालसा एवं रालसा की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और जरूरतमंद लोगों तक विधिक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया।
विद्यार्थियों को नालसा हेल्पलाइन नंबर और नालसा पोर्टल के उपयोग की जानकारी भी दी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर वे समय पर कानूनी सहायता प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया गया। नशे से होने वाली मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक क्षति पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों को नशा नहीं करने और नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर राजकीय विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. तपन पुरोहित, सहायक आचार्य डॉ. आरिफ अली मोयल, हैड पीएलवी मांगीलाल तंवर सहित विधि महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि कानून की जानकारी केवल अधिकारों की रक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।



