google.com, pub-3021598506696014, DIRECT, f08c47fec0942fa0
Paliदेशब्रेकिंग न्यूज़राजस्थानराज्य

पाली में बाल देखरेख संस्थानों का निरीक्षण, आयुक्त निक्या गोहाइन ने बच्चों की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

पाली : बाल अधिकारिता विभाग के आयुक्त श्री निक्या गोहाइन (IAS) ने शनिवार को पाली जिले का दौरा कर बाल अधिकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह तथा विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थानों में आवासित बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही शिक्षा, चिकित्सा, काउंसलिंग, भोजन, खेलकूद और सुरक्षा एवं संरक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने बच्चों से स्नेहपूर्ण संवाद कर उनकी दिनचर्या और सुविधाओं के बारे में जाना तथा संस्थान में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बच्चों के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग, पाली की सहायक निदेशक एवं अधीक्षक डॉ. टीना अरोड़ा ने बताया कि राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह तथा विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी किशोर न्याय अधिनियम के तहत पंजीकृत बाल देखरेख संस्थान हैं।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के समय सम्प्रेक्षण गृह में विधि से संघर्षरत 12 से 16 वर्ष आयु के 6 बालक, किशोर गृह में 8 से 12 वर्ष आयु के देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले 5 बच्चे तथा विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी में 0 से 3 वर्ष आयु के 4 बच्चे सहित कुल 15 बच्चे आवासित थे।

आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान संस्थानों में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधा, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, खेलकूद, भोजन तथा सुरक्षा एवं संरक्षण व्यवस्था का जायजा लिया।

उन्होंने संस्थान में कार्यरत सरकारी, जॉब बेस एवं विजिट बेस कार्मिकों से संवाद कर उनके दायित्वों और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। आयुक्त ने सभी कार्मिकों को बच्चों के प्रति संवेदनशील और समर्पित भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया तथा बच्चों के हित में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने संस्थानों में रह रहे बच्चों से सीधे बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनकी दिनचर्या, भोजन, मनोरंजन, खेलकूद और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग को देखकर आयुक्त ने उनकी रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने बच्चों के मानसिक एवं बौद्धिक विकास को ध्यान में रखते हुए खेल सामग्री भी उपलब्ध करवाई।

किशोर गृह में आवासित बच्चों के लिए कैरम, सांप-सीढ़ी एवं लूडो जैसे खेल उपलब्ध करवाए गए, ताकि बच्चों को मनोरंजन के साथ रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा सके।

आयुक्त ने संस्थान के शौचालयों और शयन कक्षों की साफ-सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने रसोईघर में बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन का अवलोकन किया और भोजन की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान उपलब्ध व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया तथा बच्चों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर जोर दिया।

सहायक निदेशक डॉ. टीना अरोड़ा ने आयुक्त को विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि एजेंसी में आवासित रहे 3 शिशु बालक एवं बालिकाओं का अंतरराष्ट्रीय दत्तक ग्रहण के माध्यम से अमेरिका के परिवार में पारिवारिक पुनर्वास किया गया है। आयुक्त ने इस सफल प्रयास की सराहना की और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए किए जा रहे कार्यों को महत्वपूर्ण बताया।

आयुक्त निक्या गोहाइन ने बच्चों की मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए साइकॉलॉजिस्ट के माध्यम से नियमित काउंसलिंग करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की मानसिक और भावनात्मक जरूरतों को समझते हुए उनके अनुरूप सहयोग उपलब्ध करवाना जरूरी है।

उन्होंने विशेष रूप से सम्प्रेक्षण गृह में प्रवेश लेने वाले विधि से संघर्षरत प्रत्येक बालक की तैयार की जाने वाली सामाजिक अन्वेक्षण रिपोर्ट (SIR) पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में आवश्यक संवेदनशीलता और गंभीरता बरतने को कहा।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा में प्रस्तावित 50 बालकों की क्षमता वाले किशोर गृह भवन के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि का भी मौका निरीक्षण किया।

इसके साथ ही बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के कार्यालय भवनों के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि का भी निरीक्षण किया गया। आयुक्त ने प्रस्तावित निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाओं और स्थल की स्थिति की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली।

पूरे निरीक्षण के दौरान बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर विशेष जोर रहा। आयुक्त ने अधिकारियों एवं कार्मिकों से कहा कि बाल देखरेख संस्थानों में रह रहे बच्चों की जरूरतों को समझते हुए उन्हें सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आयुक्त को संस्थानों में संचालित विभिन्न गतिविधियों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। आयुक्त ने बच्चों के हित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

Rajasthan Today

Related Articles

Back to top button