पाली जेल का आकस्मिक निरीक्षण, क्षमता से अधिक मिले 132 बंदी, विधिक सहायता और व्यवस्थाओं की सचिव ने ली जानकारी

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पाली के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने मंगलवार को जिला कारागृह, पाली का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेल की व्यवस्थाओं के साथ-साथ बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं और उनकी कानूनी समस्याओं की जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान जिला कारागृह, पाली में कुल 132 बंदी निरुद्ध पाए गए। बंदियों की संख्या निर्धारित क्षमता से अधिक होने पर सचिव विक्रम सिंह भाटी ने जेल प्रशासन से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और भोजन, पेयजल, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बंदियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सामने आई समस्याओं के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सचिव ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि कोई बंदी निजी अधिवक्ता करने में असमर्थ है अथवा विधिक सहायता के अभाव में बिना अधिवक्ता के कारागृह में निरुद्ध है, तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने बंदियों से उनके प्रकरणों की स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी बंदी को विधिक सहायता के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित न रहना पड़े।
निरीक्षण के दौरान ऐसे बंदियों के संबंध में भी जानकारी ली गई, जिनकी जमानत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद वे कारागृह में निरुद्ध हैं। सचिव ने संबंधित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और बंदियों को उनके मामलों की प्रगति के बारे में अवगत कराया। इस दौरान बंदियों से संवाद करते हुए उनकी कानूनी परेशानियों और प्रकरणों से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्राप्त की गई।
सचिव विक्रम सिंह भाटी ने जेल में हाल ही में आए नए बंदियों से भी बातचीत की। उन्होंने उनके विरुद्ध आरोपित अपराध के समय उनकी आयु के संबंध में जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान बंदियों के मामलों और उनकी परिस्थितियों को समझने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
जिला कारागृह में उपलब्ध चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया। सचिव ने जेल में बंदियों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए बताया कि बंदियों की ओपीडी के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच की जाती है।

उन्होंने बताया कि किसी बंदी की तबीयत गंभीर होने अथवा आपात स्थिति उत्पन्न होने पर उसे आवश्यक उपचार के लिए राजकीय बांगड़ अस्पताल, पाली रेफर किया जाता है।
आकस्मिक निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन की ओर से कारापाल जोराराम, उपकारापाल नरेश, जेल डिस्पेंसरी के चिकित्सक डॉ. एम.एल. सालोदिया तथा जेल विजिटिंग लॉयर अल्ताफ हुसैन सहित संबंधित कारागृह कार्मिक उपस्थित रहे।
सचिव विक्रम सिंह भाटी ने जेल प्रशासन से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए बंदियों की आवश्यकताओं और समस्याओं के समाधान को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण का उद्देश्य कारागृह में निरुद्ध बंदियों को उपलब्ध सुविधाओं, स्वास्थ्य व्यवस्था और विधिक सहायता की स्थिति का जायजा लेना रहा।



