नशामुक्त भारत के संकल्प के साथ पाली में पड़ोस युवा संसद-2026 का आयोजन, युवाओं को दिया जागरूकता का संदेश

पाली, युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने, उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने और नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से मेरा युवा भारत केंद्र, पाली की ओर से पड़ोस युवा संसद-2026 का आयोजन किया गया। कृष्णा प्राइवेट आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज, चिमनपुरा में आयोजित इस कार्यक्रम की थीम ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ रही।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी दी गई। साथ ही युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने, अपने भविष्य के प्रति जिम्मेदार बनने और नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को उचित परामर्श एवं उपचार दिलाने में सहयोग करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में डिप्टी सीएमएचओ पाली के.सी. सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि नशे की लत धीरे-धीरे व्यक्ति के स्वास्थ्य, भविष्य और पारिवारिक जीवन को प्रभावित करती है। इससे बचाव के लिए जागरूकता और समय पर उचित मार्गदर्शन जरूरी है।
उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि नशामुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
के.सी. सैनी ने युवाओं से अपील की कि वे अपने परिवार या मित्र मंडली में नशे की लत से प्रभावित कम से कम एक व्यक्ति की पहचान कर उसे उचित परामर्श और उपचार उपलब्ध कराने में सहयोग करें। उन्होंने ऐसे लोगों को राजकीय बांगड़ अस्पताल, पाली स्थित नशामुक्ति केंद्र से जोड़ने की पहल करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जिला युवा अधिकारी महेश सिंह शेखावत ने मेरा युवा भारत केंद्र की ओर से संचालित नशामुक्ति अभियान और विभिन्न युवा गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को सामाजिक सरोकारों, नेतृत्व विकास और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने युवाओं से MY Bharat प्लेटफॉर्म से जुड़ने और वहां संचालित विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उनके अनुसार, ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सामाजिक मुद्दों को समझने, अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक होने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के अवसर प्रदान करते हैं।
कृष्णा आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य सुनील जोशी ने युवाओं के जीवन में पारंपरिक संस्कारों और नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्कार युवाओं को सही दिशा देते हैं और उन्हें अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने चिंता जताई कि युवा पीढ़ी का नैतिक मूल्यों से दूर होकर नशे की ओर बढ़ना समाज के लिए चिंता का विषय है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, आत्मसंयम बनाए रखने, अनुशासन अपनाने और सकारात्मक आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में मनीष सोमनानी ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2027 के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं की नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने MY Bharat प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करने तथा उपलब्ध गतिविधियों में भाग लेने की प्रक्रिया भी समझाई। युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान दिलीप दवे, धीरज दवे और हिमांशु सोनी ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर पढ़ाई और भविष्य के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की ओर आकर्षित होने के बजाय खेलकूद, संगीत, कला, पठन-पाठन और अन्य रचनात्मक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
वक्ताओं ने बताया कि अपनी रुचि के अनुरूप सकारात्मक गतिविधियों में समय देने से युवाओं की ऊर्जा का सदुपयोग होता है। इससे उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने, नए कौशल सीखने और जीवन में बेहतर लक्ष्य निर्धारित करने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों के लिए उपलब्ध परामर्श, उपचार सुविधाओं और सरकारी योजनाओं से संबंधित सवाल पूछे। वक्ताओं ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए नशे की समस्या से निपटने के लिए समय पर सहायता लेने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि इस हेल्पलाइन के माध्यम से नशे की समस्या से प्रभावित व्यक्ति और उनके परिजन परामर्श तथा उपचार संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
साथ ही नशामुक्त भारत अभियान के तहत संचालित जागरूकता गतिविधियों के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों की उपेक्षा करने के बजाय उन्हें सहानुभूति, उचित मार्गदर्शन, परामर्श और उपचार उपलब्ध कराने में सहयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य सुनील जोशी, हरिश सोनी, हितेश सोनी, गिरीश दवे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने चर्चा में उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशामुक्ति से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं रखीं।
पड़ोस युवा संसद-2026 के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि नशे से दूर रहना, दूसरों को जागरूक करना और जरूरतमंद लोगों को उपचार से जोड़ना सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को जागरूक, जिम्मेदार और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाना रहा।



