पाली में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान की शुरुआत, स्कूलों में बच्चों को बताए कानूनी अधिकार

पाली : विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक-कानूनी मुद्दों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर की ओर से ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ यानी परिवर्तनकारी मंगलवार अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को जिले के राजकीय एवं निजी विद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में पाली जिले के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं, बाल अधिकारों और कानूनी सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
अभियान के तहत विद्यार्थियों को बताया गया कि सुरक्षित विद्यालय में पढ़ना प्रत्येक बच्चे का अधिकार है। विद्यालय भवन या अन्य सुविधाओं में कमी होने से बच्चों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है। ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और उपलब्ध सहायता तंत्र का उपयोग करना चाहिए।
जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार ने सेंट पॉल उच्च माध्यमिक विद्यालय, पाली में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यालयों की बुनियादी संरचना में कमियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और उनसे बच्चों को पहुंचने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि सुरक्षित विद्यालय प्रत्येक बच्चे का अधिकार है। यदि विद्यालय भवन या वहां उपलब्ध सुविधाएं असुरक्षित हैं, तो विद्यार्थियों को इसकी जानकारी संबंधित जिम्मेदारों तक पहुंचाने और सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में पता होना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयी आधारभूत संरचना का अर्थ केवल भवन तक सीमित नहीं है। सुरक्षित, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कक्षाएं, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, खेल मैदान, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, चारदीवारी, सुगम आवागमन के लिए रैंप और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं भी आवश्यक हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 यानी आरटीई अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि शिक्षा के अधिकार के साथ सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सुविधाओं का भी विशेष महत्व है।
न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और विद्यालय में किसी भी प्रकार की असुरक्षित स्थिति दिखाई देने पर उचित माध्यम से शिकायत करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यालयों में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, इंद्रानगर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान के उद्देश्य और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने असुरक्षित विद्यालयी आधारभूत संरचना से जुड़े जोखिमों, सुरक्षित वातावरण के महत्व और असुरक्षित भवन या सुविधाओं के चेतावनी संकेतों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि किसी आपातकालीन स्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए और किन गतिविधियों से बचना चाहिए।
कार्यक्रम में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विद्यालयों की सुरक्षा तथा बच्चों के कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी गई।
जिले के अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी अपने-अपने आवंटित विद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को असुरक्षित विद्यालयी संरचनाओं की पहचान, बचाव के उपाय, उपलब्ध सहायता तंत्र और विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया गया।

इसके साथ ही संबंधित कानूनी प्रावधानों, दंडात्मक कार्रवाई और किशोर न्याय अधिनियम सहित बाल संरक्षण से जुड़े विषयों पर भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को किसी भी समस्या या असुरक्षित स्थिति को नजरअंदाज नहीं करने और उचित माध्यम से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
अभियान के तहत विद्यार्थियों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। इस दौरान बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलाई गई और बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा तथा बाल अधिकारों के महत्व के बारे में समझाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को न केवल उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बनाना रहा।
विद्यार्थियों की समस्याओं और शिकायतों को सामने लाने के लिए आवंटित विद्यालयों में ‘कोर्ट वाली दीदी’ नाम से शिकायत पेटी भी स्थापित की गई। इसके माध्यम से विद्यार्थी विद्यालय या अपने आवासीय स्थान से संबंधित शिकायतें दर्ज कर सकेंगे।
शिकायत पेटी की व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं सामने रखने के लिए एक माध्यम उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी शिकायतों पर संबंधित स्तर पर ध्यान दिया जा सके।
सेंट पॉल स्कूल, पाली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य डेविड जॉन, आस्तिक जोशी और शिक्षक शिवू थॉमस उपस्थित रहे। वहीं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, इंद्रानगर में दुदाराम सोलंकी तथा हेड पीएलवी मांगीलाल तंवर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान के माध्यम से जिले के विद्यालयों में विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों, सुरक्षित शिक्षा व्यवस्था और बाल संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को जागरूक बनाकर विद्यालयों में सुरक्षित, समावेशी और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में सहयोग करना है।



