पाली के केंद्रीय विद्यालय में विद्यार्थियों को सिखाए नवाचार और स्टार्टअप के गुर, समस्याओं के समाधान से बनाएं सफल उद्यम

पाली : विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मक सोच और उद्यमशीलता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, पाली में विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की डीआईसीई (DICE) योजना के अंतर्गत जीत कॉलेज, जोधपुर के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में स्किलनेशन किड्स के संस्थापक एवं इंजीनियर राघव शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचार विकसित करने, समस्याओं की पहचान करने और उनके व्यावहारिक समाधान तलाशने के तरीके बताए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने तथा भविष्य में नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में संभावनाएं तलाशने के लिए प्रेरित करना रहा।
मुख्य वक्ता राघव शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नवाचार और उद्यमिता के लिए सही माइंडसेट विकसित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने आसपास मौजूद समस्याओं को ध्यान से देखने, उनके मूल कारणों को समझने और ऐसे समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया, जो व्यावहारिक होने के साथ लोगों के लिए उपयोगी भी हों।
उन्होंने समझाया कि किसी नए विचार को सफल उद्यम में बदलने के लिए केवल कल्पना करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समस्या को समझना, सही सवाल पूछना और समाधान को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना भी जरूरी है।
व्याख्यान को रोचक और संवादात्मक बनाने के लिए ‘सेल मी दिस पेन’ और ‘आर्ट ऑफ क्वेश्चनिंग’ जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने, किसी वस्तु की उपयोगिता समझाने और सवालों के जरिए किसी समस्या की गहराई तक पहुंचने का अभ्यास कराया गया।
इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि किसी विचार को प्रभावशाली बनाने के लिए रचनात्मकता, तार्किक सोच और संवाद कौशल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्टार्टअप की केस स्टडी के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि किस प्रकार किसी सामान्य विचार को उपयोगी समाधान में बदलकर सफल उद्यम की नींव रखी जा सकती है।
विद्यार्थियों को विचार विकसित करने, समस्या के अनुरूप समाधान तैयार करने और उसे प्रभावी रूप से लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया से परिचित कराया गया। इससे उन्हें उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं को समझने में मदद मिली।
राघव शर्मा ने बताया कि भारत सरकार और राज्य सरकार की ओर से युवाओं में नवाचार एवं उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न पहल की जा रही हैं। इसी क्रम में आरकेसीएल के माध्यम से एआई ओलंपियाड का आयोजन किया जा रहा है।
इसके अलावा आइडियाथॉन और हैकाथॉन जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने नए विचार प्रस्तुत करने, तकनीकी एवं रचनात्मक कौशल का प्रदर्शन करने और समस्याओं के समाधान पर काम करने के अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे अवसरों का लाभ उठाने और अपनी रुचि के अनुरूप नए प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, पाली के प्रधानाचार्य एच.एल. मीणा ने विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम को प्रभावी और उपयोगी पहल बताया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के अनुभव और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को नई दिशा मिलती है तथा उनमें नवाचार एवं उद्यमिता के प्रति रुचि विकसित होती है।
कार्यक्रम में जीत कॉलेज, जोधपुर की ओर से टीपीओ संजय भंडारी और रुद्राक्ष गौड़ उपस्थित रहे। अंत में व्याख्याता अरुण कुमार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस विशेषज्ञ व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच विकसित करने, समस्याओं के समाधान तलाशने और भविष्य में नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।



