तेरापंथ भवन पाली में श्रद्धा और उल्लास से मना सामायिक दिवस

पाली : पर्युषण पर्व के तीसरे दिन तेरापंथ भवन में साध्वी काव्यलता (ठाणा-4) के पावन सान्निध्य में सामायिक दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत साध्वी काव्यलता के मंगल नवकार मंत्र से हुई। साध्वी सुरभी प्रभा ने ध्यान एवं कायोत्सर्ग करवाया और सामायिक साधना के महत्व पर गीत प्रस्तुत कर सभी को ऊर्जा से भर दिया। साध्वी राहत प्रभा ने सामायिक के 32 दोषों और सावधानियों पर प्रकाश डालते हुए क्रोध त्याग कर समता भाव से संयमित जीवन जीने की प्रेरणा दी।
साध्वी काव्यलता ने अपने उद्बोधन में कहा कि —
“सामायिक केवल एक क्रिया नहीं, बल्कि जीवन को संयमित और समता से युक्त बनाने का श्रेष्ठ साधन है।”
उन्होंने संघ मर्यादाओं और 13 नियमों के पालन की महत्ता पर जोर देते हुए बताया कि गुरु आज्ञा ही साधु, साध्वी और श्रावक-श्राविकाओं का प्रथम कर्तव्य है।
अंत में “शासन है नंदनवन” गीतिका और सामूहिक मंगल पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर चोपड़ा परिवार (पराग फैब्रिक), पचपदरा-पाली-मुंबई कार्यक्रम के प्रायोजक रहे।



