
पाली : जैन समाज की सर्वोच्च संस्था श्री संघ सभा के तत्वावधान में शुक्रवार को बागर मोहल्ला स्थित श्री संघ सभा भवन में एक विशेष आयोजन हुआ, जिसमें सकल जैन संघ द्वारा सामूहिक क्षमायाचना की गई। इस अवसर पर समाज के सभी सम्प्रदाय घटक और संस्थाओं के पदाधिकारियों ने एक-दूसरे से “मिच्छामि दुक्कड़म्” कहते हुए क्षमा याचना की और मैत्री, सौहार्द एवं एकता का संदेश दिया।

अध्यक्ष विनय भंसाली और मंत्री गौतमचंद छाजेड़ ने बताया कि कार्यक्रम में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ रूई कटला, श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक तपागच्छ संघ, श्री जैन श्वे. तेरापंथी सभा, खरतरगच्छ संघ, अचलगच्छ संघ, साधुमार्गी जैन संघ, जैन युवा संगठन, भारतीय जैन संघटना, जीतो, महावीर इंटरनेशनल सहित सभी प्रमुख संगठन शामिल हुए।

वक्ताओं में सम्पतराज तातेड, ओमप्रकाश छाजेड़, महेन्द्र कांकरिया, भूरचंद तातेड, सुनील कटारिया, रजनीश कर्नावट, अमरचंद बोहरा, ललित कुकडा, ज्ञानचंद नाहटा, कल्पेश लोढा, बसंत सोनीमण्डिया, नवीन मेहता, विनय बम्ब आदि ने जैन धर्म के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैन दर्शन का मूल तत्व अहिंसा, अपरिग्रह और क्षमा है।
उन्होंने कहा कि क्षमा मांगना और क्षमा करना आत्मशुद्धि का साधन है, जो समाज में सौहार्द और एकता को सुदृढ़ करता है। “मिच्छामि दुक्कड़म्” केवल परम्परागत वाक्य नहीं, बल्कि आत्मा की वह भावना है जो वैर-भावना और कटुता मिटाकर शांति व सद्भावना का मार्ग प्रशस्त करती है।
कार्यक्रम के अंत में श्री संघ सभा अध्यक्ष विनय भंसाली एवं मंत्री गौतमचंद छाजेड़ ने सामूहिक क्षमायाचना करते हुए सभी घटकों एवं संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।



