माटी कला कामगारों को मिलेगा प्रोत्साहन, 60 का चयन, प्रशिक्षण के बाद दी जाएंगी मुफ्त मशीनें
शिक्षा और कौशल से ही समाज का विकास संभव : प्रहलाद राय टाक

पाली : शिक्षा के साथ संस्कारों का विकास ही जीवन निर्माण को संभव बना सकता है, और यही समाज की असली प्रगति है। यह बात श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक ने पाली में आयोजित माटी कला एवं कौशल विकास जागरूकता शिविर में कही।
टाक ने कहा कि जैसे कारीगर मिट्टी को अपनी कला से मनचाहा रूप देते हैं, वैसे ही बच्चों को भी उच्च शिक्षा व संस्कार देकर सफल जीवन की दिशा दी जा सकती है। उन्होंने आह्वान किया कि आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी लेना और उनका लाभ उठाना बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम में टाक ने बताया कि राजस्थान सरकार की इस योजना के तहत मिट्टी गूंथने की मशीन और विद्युत चालित चाक कामगारों को उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए सुमेरपुर, पाली, बाली, सोजत, मारवाड़ जंक्शन और बिलाड़ा विधानसभा क्षेत्रों से 10-10 कामगारों का चयन लॉटरी के जरिए किया गया। कुल 60 कामगारों में से 8 महिलाएं और 1 दिव्यांग भी शामिल हैं। चयनित कामगारों को पहले 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा और उसके बाद उन्हें ये मशीनें वितरित होंगी।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीयादे माता की तस्वीर पर दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक रजाक अली ने उद्योग विभाग की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। वहीं सुनील भंडारी ने भी सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मंगलाराम प्रजापत, प्रेमलता प्रजापत (पूर्व उपप्रधान), गोपाल बनजारा, राजेंद्र प्रजापत, हीरालाल प्रजापत, रामलाल प्रजापत, बस्तीराम सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों का पारंपरिक साफा पहनाकर स्वागत किया गया।




