पाली : सघन सर्वे अभियान से स्वास्थ्य संदेश का व्यापक प्रसार
50,000 से अधिक घरों में पहुंचकर चिकित्सा विभाग ने दी मौसमी बीमारियों से बचाव की जानकारी

पाली : स्वस्थ जीवन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने व मौसमी बीमारियों की रोकथाम को सुनिश्चित करने हेतु चिकित्सा विभाग की ओर से पाली शहर में विशेष सघन सर्वे एवं स्वास्थ्य शिक्षा अभियान का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर एलएन मंत्री के निर्देशानुसार यह दो दिवसीय अभियान 11 व 12 सितंबर को संपन्न हुआ, जिसमें चिकित्सा विभाग द्वारा गठित 255 टीमों ने जिले के करीब 50 हजार से अधिक घरों में जाकर लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रभावी उपायों से अवगत कराया।
सीएमएचओ डॉ विकास मारवाल ने बताया कि टीमों ने मच्छरजनित बीमारियों से बचाव हेतु घर-घर जाकर एंटी लार्वल गतिविधियों को अंजाम दिया। गुरुवार को टीमों ने 24,402 घरों का सर्वेक्षण किया, जबकि शुक्रवार को 25,745 घरों में पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने व गमले, परिंडे, कूलर आदि में जमा पानी को खाली करने के महत्व को समझाया गया।
सर्वे अभियान में खास तौर पर ध्यान दिया गया कि खाली प्लॉट्स, बरसाती पानी के जमाव में मच्छर का लार्वा पनप न सके। इसके लिए 3715 ऑयल बॉल्स बरसाती पानी में डाले गए जिससे लार्वा नष्ट किया गया। साथ ही माईकिंग और पेम्पलेट वितरण के माध्यम से आमजन को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

टीमों में एएनएम प्रशिक्षण केंद्र, जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र, राजकीय नर्सिंग कॉलेज, करणी कृपा कॉलेज के प्रशिक्षणार्थी, नर्सिंग ऑफिसर, आशा सहयोगिनी तथा पाली शहर के स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अभियान को सफल बनाने में एएनएम प्रशिक्षण केंद्र के प्रिंसीपल केसी सैनी, एपिडेमियोलोजिस्ट डॉ अंकित माथुर, एनयूएचएम के डीपीओ जितेन्द्र परमार, डीपीसी (मां आयुष्मान योजना) रामप्रकाश गढ़वाल, एएमओ विरेन्द्र वैष्णव, डीपीसी (आशा) कुलदीप गोस्वामी, डाटा मैनेजर गजेन्द्र शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी शामिल रहे।
डॉ विकास मारवाल ने जोर देकर बताया कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल मौसमी बीमारियों से बचाव करना है, बल्कि आमजन में सतर्कता एवं स्वच्छता की भावना को विकसित करना भी है, जिससे स्वस्थ समाज की नींव मजबूत हो। उन्होंने आगामी समय में ऐसे अभियान लगातार चलाने की योजना भी साझा की। यह अभियान पाली जिले में स्वास्थ्य सेवा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो हर नागरिक तक सही समय पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाकर समाज को बीमारियों से मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।



