google.com, pub-3021598506696014, DIRECT, f08c47fec0942fa0
Paliदेशब्रेकिंग न्यूज़राजस्थानराज्य

अखिल भारतीय साहित्य परिषद ने पुस्तकालय से युवाओं को जोड़ने पर दिया जोर, राष्ट्रप्रेम व चरित्र निर्माण के लिए प्रेरित किया

पाली : अखिल भारतीय साहित्य परिषद, पाली के तत्वावधान में राजकीय बांगड़ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में युवा पाठक संवाद का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यिक चेतना व पुस्तक प्रेम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष रूप से युवाओं को पुस्तकालय से जोड़ने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री मनोज कुमार ने किया। अपने संबोधन में मनोज कुमार ने पुस्तकालयों के संवर्धन और विकास पर बल देते हुए कहा कि पुस्तकालय न केवल ज्ञान का भंडार हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, चरित्र निर्माण और समाजोपयोगी विचारों से भी जोड़ते हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे समय-समय पर प्रेरक पुरुषों के जीवन परिचय पढ़ें, श्रेष्ठ साहित्य का चयन करें, तथा पुस्तकालय जाकर ज्ञान अर्जित करें। साथ ही उन्होंने पुस्तक चर्चा सत्र को नियमित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया ताकि युवाओं में विचार विमर्श की परंपरा विकसित हो।

अखिल भारतीय साहित्य परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री विपिन चंद्र ने उपस्थित साहित्यकारों से स्थानीयता पर आधारित साहित्य सृजन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि साहित्यकारों को समाजोपयोगी और विचारशील साहित्य रचना पर ध्यान देना चाहिए, जिससे साहित्य समाज में प्रभावशाली बदलाव लाने में सक्षम बने।

कार्यक्रम में कवयित्री तृप्ति पाण्डेय ने हाल ही में प्रकाशित अपने काव्य संग्रह ‘मन जीत जा रे’ की प्रति राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री मनोज कुमार को भेंट की। इस काव्य संग्रह ने साहित्य प्रेमियों को नए आयामों पर सोचने और आत्मविकास की प्रेरणा दी।

इस संवाद कार्यक्रम में प्रांत मीडिया प्रमुख पवन पाण्डेय, श्रीराम वैष्णव, जगदीश दिवाकर, ओम प्रकाश, कपिल परिहार, राजेंद्र सिंह राजपुरोहित, मयंक तिवारी, अरिहंत चोपड़ा, संदीप वैष्णव, प्रमोद भंसाली, भूमि त्रिवेदी, पी. महेश शर्मा, चंद्रिका राजपुरोहित, राहुल सिंह सहित शहर के युवा साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया।

इस आयोजन ने युवाओं में साहित्यिक चेतना को विकसित करने के साथ-साथ पुस्तकालयों की उपयोगिता को उजागर किया। आयोजकों ने इस तरह के कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया, ताकि पाली क्षेत्र में साहित्य और ज्ञान के प्रसार का कार्य सशक्त रूप से जारी रहे।

Rajasthan Today

Related Articles

Back to top button