पाली : अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस पर जोरदार जागरूकता अभियान

पाली : अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस 2025 के अवसर पर पाली जिले में व्यापक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “विज्ञान से वैश्विक कार्यवाही तक” के तहत प्रदूषण नियंत्रण मंडल पाली ने जिला शिक्षा अधिकारी पाली के सहयोग से विभिन्न विद्यालयों में विशेष प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम का आयोजन कर विद्यार्थियों में पर्यावरण एवं ओजोन परत संरक्षण को लेकर चेतना जागरूकता फैलाई।
कार्यक्रम के तहत प्रमुख विद्यालयों में जैसे राजकीय बादलका उच्च माध्यमिक विद्यालय गुन्दोज, खैरवा, गुडा एन्दला, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सोडावास और मुर्दावा में आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर छात्रों को व्यापक रूप से जानकारी दी गई। प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम द्वारा वैज्ञानिक तथ्यों के माध्यम से समझाया गया कि कैसे ओजोन परत में हो रहे क्षरण से पृथ्वी पर पराबैंगनी विकिरण में वृद्धि हो रही है, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ते हैं।

विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि किस प्रकार दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले उपाय जैसे रसायनों का सही उपयोग, प्लास्टिक का सीमित उपयोग और ग्रीन एनर्जी के विकल्प ओजोन संरक्षण में सहायक हो सकते हैं। कार्यक्रम में छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने ओजोन परत संरक्षण, ओजोन क्षरण के कारण और इसके प्रभावों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगीन पोस्टरों के माध्यम से वैज्ञानिक तथ्यों और जागरूकता संदेश को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

प्रदूषण नियंत्रण मंडल पाली के अधिकारी ने बताया कि इस प्रकार के अभियान का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पर्यावरण सुरक्षा का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि विज्ञान आधारित वैश्विक उपायों के साथ स्थानीय स्तर पर भी सामूहिक प्रयास जरूरी हैं ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी ने भी सभी शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित गतिविधियों में और अधिक संलग्न करें तथा उन्हें भविष्य के जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में प्रेरित करें। यह अभियान पाली जिले में पर्यावरण संरक्षण व सतत विकास के प्रति जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।



