पाली : मनाया गया 10वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस, 100 बच्चों के लिए होगा निःशुल्क स्वर्णप्राशन शिविर

पाली : न्यू हाउसिंग बोर्ड परिसर में 10वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का आयोजन जिला आयुर्वेद विभाग की ओर से किया गया। इस वर्ष का थीम था “Ayurveda for People and Planet” यानी लोगों और पृथ्वी के लिए आयुर्वेद। इसका उद्देश्य लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण, दोनों में आयुर्वेद की महत्ता को उजागर करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलेक्टर एल.एन. मंत्री ने की। प्रमुख अतिथियों में पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा, महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक राजेश शर्मा, जिला चिकित्सालय उमदी के डॉ. शिवकुमार शर्मा, डॉ. विलुरिया सहित कई विभागीय अधिकारी व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

इस मौके पर कलेक्टर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़ा, जिसमें आयुर्वेद को जन-जन तक पहुँचाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए इसके योगदान पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा का प्राकृतिक और वैज्ञानिक तरीका है, जो व्यक्ति और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करता है।
कार्यक्रम में कलेक्टर और महेंद्र बोहरा ने एक अहम पहल की घोषणा करते हुए बताया कि कच्ची बस्ती के 100 बच्चों के लिए निःशुल्क स्वर्णप्राशन शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चों की शारीरिक और मानसिक क्षमता को मजबूत बनाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में यह सुझाव भी रखा गया कि जिस तरह अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को विश्वभर में मनाया जाता है, उसी तरह 23 सितंबर को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिले और इसे व्यापक रूप से मनाया जाए।

महेन्द्र बोहरा ने कहा कि आयुर्वेद की नींव जड़ी-बूटियों, फूलों, पत्तियों और रसोई में उपलब्ध सामग्री पर आधारित है, जो प्रकृति के संरक्षण और आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य सुधार में सहायक है। आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पंचकर्म, जरावस्था, आंचल प्रसूता और औषधालयों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और भामाशाहों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।



