विक्रम राठौड़ बने राजस्थान राज्य ओबीसी (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग के जनसंपर्क अधिकारी

पाली/जयपुर : जनसंपर्क, लोक प्रशासन और राजनीतिक मामलों के विख्यात विशेषज्ञ विक्रम राठौड़ को राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग का जनसंपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस संबंध में आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश मदन लाल भाटी ने आदेश जारी किए।
नियुक्ति की घोषणा करते हुए न्यायाधीश मदन लाल भाटी ने कहा कि राठौड़ की जनसंपर्क क्षेत्र में अर्जित उल्लेखनीय उपलब्धियाँ आयोग को जनसंपर्क, मीडिया समन्वय, कार्यक्रम प्रबंधन और जनकल्याणकारी नीतियों के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
विक्रम राठौड़ ने इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष भाटी का आभार व्यक्त किया। राठौड़ अब आयोग को जनसंपर्क से जुड़े विषयों पर परामर्श देने के साथ-साथ सामाजिक एवं राजनीतिक हितधारकों तक आयोग की गतिविधियों और नीतियों का व्यापक प्रचार सुनिश्चित करेंगे।
विक्रम राठौड़ पिछले कई वर्षों से जनसंपर्क, साहित्य और लोक प्रशासन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह उच्च शिक्षा विशेषज्ञ, लेखक, स्वतंत्र समीक्षक और सलाहकार भी हैं।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार राजस्थान सरकार ने पिछड़ेपन की प्रकृति और उसके निहितार्थों का गहन अध्ययन करने के लिए पांच सदस्यीय राज्य स्तरीय आयोग का गठन किया था। आयोग का नेतृत्व सेवानिवृत्त न्यायाधीश मदन लाल भाटी कर रहे हैं।
आयोग का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करना है। आयोग अपनी रिपोर्ट में आरक्षण देने का फॉर्मूला तय करेगा, जो राज्य सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।
विक्रम राठौड़ ने सभी हितधारकों और पिछड़े वर्ग के कल्याण में कार्यरत संस्थाओं से अपील की है कि वे पिछड़ेपन के अध्ययन और अनुसंधान हेतु अपने सुझाव/प्रत्यावेदन E-MAIL: obccommission25@gmail.com या डाक द्वारा आयोग तक भेजें। यह योगदान आयोग की रिपोर्ट तैयार करने में सहायक होगा।
राजस्थान में ओबीसी आयोग की यह पहल सामाजिक न्याय और स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



