पाली : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने किशोर न्याय बोर्ड और बाल गृह का किया निरीक्षण, बालकों की भलाई और सुविधाओं पर दी विशेष ध्यान

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार शुक्रवार को अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) राजेन्द्र कुमार और सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला न्यायाधीश) विक्रम सिंह भाटी ने पाली के किशोर न्याय बोर्ड और बाल गृह का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार ने बाल गृह के भवन की सफाई, बालकों के लिए कपड़े, बिस्तर, भोजन और आहार, चिकित्सा व्यवस्था, पालनागृह की स्थिति और भवन की समग्र व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बालकों से सीधे वार्तालाप कर गृह में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, खेल-कूद, पढ़ाई और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

अध्यक्ष ने बाल कल्याण समिति और गृह स्टाफ को निर्देश दिए कि बालकों के गृह में प्रवेश के समय उनके परिवारजनों और रिश्तेदारों को तुरंत सूचित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि सम्प्रेषण गृह में आवासित बालकों को बाल न्याय मित्र की सेवाएं तत्परता से उपलब्ध कराई जाएं।
बालकों के लिए उपलब्ध सुविधाएं खेल गतिविधियों के लिए इंडोर गेम्स जैसे केरम, सांप-सीढ़ी, लूडो आदि उपलब्ध। पुस्तकालय में शैक्षणिक और नैतिक कहानियों की किताबों का संग्रह। बालकों के स्वास्थ्य के लिए नियमित चिकित्सकीय विजिट।

निरीक्षण के दौरान निलेश सिंह चौधरी, प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड पाली, कन्हैयालाल समन्वयक, खुमाराम न्यायमित्र सहित अन्य अधिकारी और स्टाफ मौजूद रहे। अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार ने बाल गृह में बच्चों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बालकों की भलाई के लिए नियमों का पालन, शिक्षा और स्वास्थ्य की देखभाल के साथ-साथ उनके मानसिक और नैतिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।



