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पांचपदरिया में आदिवासी समाज का जिला स्तरीय सम्मेलन, वीर पूंजा भील की जयंती पर शिक्षा, आरक्षण और सामाजिक एकता पर जोर

रोहट (पाली)। जय आदिवासी भील युवा संगठन द्वारा पांचपदरिया, रोहट में जिला स्तरीय भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्ध जनों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर वीर शिरोमणि राणा पूंजा भील की जयंती को ऐतिहासिक रूप में मनाया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गणेश घोघरा (प्रदेश अध्यक्ष, आदिवासी कांग्रेस पार्टी एवं विधायक, डूंगरपुर) ने कहा कि इतिहास में भील समाज का योगदान अमूल्य रहा है। उन्होंने बताया कि हल्दीघाटी युद्ध में जब महाराणा प्रताप के अपने भाई साथ छोड़ चुके थे, तब वीर पूंजा भील ने उनका साथ देकर मुगलों के सामने झुकने नहीं दिया। आज महाराणा प्रताप को जो सम्मान मिला हुआ है, उसमें राणा पूंजा भील की भूमिका सबसे बड़ी है,उन्होंने कहा।

शिक्षा और सामाजिक सुधार पर विशेष बल
पूर्व जनजातीय विकास बोर्ड अध्यक्ष कीर्ति सिंह भील ने समाज से शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विशेषकर बालिकाओं को पढ़ाई से जोड़ा जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी को सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने युवाओं को सरकारी नौकरियों के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर और बिज़नेस लाइन में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही हर गांव में समुदाय भवन और लाइब्रेरी निर्माण पर जोर दिया।

सम्मेलन में रखी गई मुख्य मांगे:
राजस्थान में आरक्षण उपवर्गीकरण कर भील समाज को एसटी कोटे से अलग 6% आरक्षण की मांग।
पाली जिले में शिक्षा स्तर में गिरावट को देखते हुए भील बालिका आवासीय विद्यालय रोहट में खोले जाएं।
पाली जिला मुख्यालय पर भील छात्रावास में नए कमरे बनवाए जाएं।
पांचपदरिया स्कूल को उच्चीकृत कर चारदीवारी निर्माण की मांग।

कई जनप्रतिनिधियों और समाज नेताओं की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में पीसीसी महासचिव भूराराम सीरवी, बाप से सांसद प्रत्याशी जीवाराम भील, कांग्रेस जिला आदिवासी अध्यक्ष जितेंद्र कुमार भील, बाली ब्लॉक अध्यक्ष निरमा खराड़ी, प्रदेश सदस्य रमेश कुमार भील, रोहट ब्लॉक अध्यक्ष अशोक भील, उपाध्यक्ष शैतान सिंह भील, जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार भील सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और पंचायत प्रतिनिधियों ने शिरकत की।

कार्यक्रम में पंच-पटेल, युवा वर्ग, नारी शक्ति और समाज के वरिष्ठजनों की उपस्थिति ने सम्मेलन को ऐतिहासिक बना दिया। जयकारों और सामाजिक एकता के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

Rajasthan Today

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