
पाली : भंसाली राजकीय कन्या महाविद्यालय, पाली में ‘रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम’ के प्रथम बैच का सफल समापन हुआ। एक माह तक चले इस प्रशिक्षण में कुल 24 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आत्मरक्षा के व्यवहारिक कौशल सीखे।
प्रशिक्षण का संचालन पुलिस प्रशासन के सहयोग से किया गया, जिसके तहत दो महिला कांस्टेबलों को प्रशिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया। उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा के विभिन्न तरीकों, तकनीकों और परिस्थितिजन्य सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।
कार्यक्रम की संयोजक रवीना अग्रवाल ने बताया कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास, जागरूकता और आत्मसुरक्षा की भावना को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल छात्राओं को स्वयं की सुरक्षा के लिए सक्षम बनाता है, बल्कि उनमें नेतृत्व और साहस के गुण भी विकसित करता है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. विनीता कोका ने समापन अवसर पर छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में आत्मरक्षा का ज्ञान प्रत्येक छात्रा के लिए अत्यंत आवश्यक है। ऐसी स्थिति में जब समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता जरूरी है, आत्मरक्षा प्रशिक्षण उनके आत्मबल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से छात्राओं में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है और निरंतर अभ्यास से उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य भी सुदृढ़ होता है।
प्रशिक्षण के समापन सत्र में सभी प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर सहायक आचार्य प्रसेन पंवार, राकेश मीणा, देवीलाल चौधरी, भोजराज चारण एवं ज्योति शर्मा सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। यह पहल छात्राओं में आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें हर परिस्थिति में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हुई।



