
पाली, 4 नवम्बर। जनजातीय गौरव वर्ष के तहत मंगलवार को राजकीय बांगड़ पी.जी. महाविद्यालय पाली में “बिरसा मुंडा का जनजातीय आंदोलन और आजादी में योगदान” विषय पर निबंध व चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान से अवगत कराना था।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेंद्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि बिरसा मुंडा न केवल एक जनजातीय नेता थे, बल्कि वे एक स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक के रूप में भी याद किए जाते हैं। उन्होंने 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश शासन और जमींदारों द्वारा आदिवासियों पर हो रहे अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया था। बिरसा मुंडा ने ‘बिरसाइत आंदोलन’ के माध्यम से अपने समाज को अंधविश्वास, नशे और आपसी संघर्षों से दूर रहने तथा एकता और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।

इस प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। छात्रों ने अपनी रचनाओं और चित्रों के माध्यम से बिरसा मुंडा के जीवन, उनके संघर्ष और आदिवासी अधिकारों के लिए किए गए योगदान को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन गोमाराम, सहायक आचार्य योगेंद्र सिंह सांखला एवं सहायक आचार्य जसवंत सिंह द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 6 नवम्बर को महाविद्यालय में सम्मानित किया जाएगा।




