पाली : भेड़ों में फैली ब्लू टंग बीमारी को लेकर पशुपालन विभाग अलर्ट, निदेशक डॉ. आनंद सेजरा ने किया निरीक्षण, रोकथाम को लेकर दिए सख्त निर्देश

पाली : जिले में भेड़ों और बकरियों में तेजी से फैल रही ब्लू टंग बीमारी को देखते हुए पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। सोमवार को पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. आनंद सेजरा एवं अतिरिक्त निदेशक डॉ. मनमोहन नागौरी ने पाली जिला मुख्यालय का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बीमारी के सर्वे, उपचार और रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. मनोज पंवार ने बताया कि निदेशक डॉ. सेजरा ने सुमेरपुर ब्लॉक के ग्राम चाणोद में पहुंचकर भेड़पालकों से सीधे मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।

भेड़पालकों ने बताया कि पाली जिले में यह बीमारी पहली बार देखी गई है, जबकि इससे पहले यह मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में देखने को मिली थी। बीमारी के लक्षणों में मुंह से पानी गिरना, तेज बुखार, जीभ में सूजन और नीला पड़ जाना, गले में सूजन और सीने में पानी भर जाना शामिल है, जिसके कारण भेड़ें चरना बंद कर देती हैं।
डॉ. सेजरा ने बताया कि विभाग द्वारा रेपिड रिस्पॉन्स टीमें (RRT) गठित कर दी गई हैं, जो गांव-गांव जाकर सर्वे और उपचार कार्य कर रही हैं। साथ ही बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने और वेक्टर नियंत्रण (मच्छर-मक्खी रोकथाम) के उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि नीम की पत्तियों का धुआं करना, बाड़ों की सफाई रखना और समय पर पशु चिकित्सालय में दिखाना अत्यंत जरूरी है। किसी भी स्थिति में भेड़ों का स्वयं या अप्रमाणित व्यक्ति से इलाज नहीं कराया जाए। डॉ. सेजरा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 200 प्रकार की पशु औषधियां निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि उपचार में कोई दिक्कत न आए।
इस मौके पर आयोजित बैठक में अजीत सिंह, महीराज सिंह, भैराराम देवासी, गिरीधारी राम देवासी, नारायण लाल देवासी, गौकुल राम, गुलाब मीणा, धनाराम देवासी, रत्नाराम देवासी, अमराराम देवासी सहित अनेक भेड़पालक उपस्थित रहे।



