संविधान दिवस पर पाली न्यायालय परिसर में सामूहिक प्रस्तावना वाचन, संगोष्ठी में न्यायाधीशों ने दिए संवैधानिक कर्तव्यों के संदेश

पाली : भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में संविधान दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पाली द्वारा न्यायालय परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में सचिव विक्रम सिंह भाटी ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कराया। इस दौरान न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी और अधिवक्तागण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
संविधान दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन
इसके उपरांत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सभागार में संविधान दिवस के अवसर पर एक विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला एवं सेशन न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 26 नवंबर 1949 का दिन भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है—यही वह दिन था जब भारत ने अपने संविधान को अपनाकर लोकतांत्रिक यात्रा की नींव मजबूत की।

उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमें केवल अपने मौलिक अधिकारों के प्रति ही नहीं, बल्कि संविधान में निहित मौलिक कर्तव्यों को निभाने के प्रति भी जागरूक होना चाहिए। कर्तव्य-पथ पर आगे बढ़कर ही देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है।
संगोष्ठी में अनेक न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रेम प्रकाश गुप्ता (अध्यक्ष, स्थाई लोक अदालत पाली), जगदीश जाणी (न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय पाली), निहालचंद (विशिष्ठ न्यायाधीश, पॉक्सो प्रकरण पाली), विक्रम सिंह भाटी (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पाली), राकेश गोरा (विशिष्ठ न्यायाधीश, SC/ST कोर्ट पाली), सुश्री कविता कच्छावाह (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पाली), सुश्री मनीषा चारण (सिविल एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट पाली), सुश्री भव्या झरवाल (सिविल न्यायिक मजिस्ट्रेट नं. 02), तथा प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी सुश्री सविता मीणा, सुश्री पूजा मीणा व सुश्री परिशा साहरन सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।



