पाली : एआरटी सेंटर व जिला कारागृह में जागरूकता कार्यक्रम, बाधाओं पर काबू पाकर एड्स प्रतिक्रिया मजबूत करने का आह्वान

पाली : विश्व एड्स दिवस के अवसर पर पाली मारवाड़ नेटवर्क द्वारा एआरटी सेंटर एवं जिला कारागृह में एचआईवी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस वर्ष की थीम ‘व्यवधान पर काबू पाना और एड्स प्रतिक्रिया में परिवर्तन’ के अनुरूप विशेषज्ञों ने संदेश दिया कि किसी भी परिस्थिति में एचआईवी सेवाएँ बाधित नहीं होनी चाहिए और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर पीड़ित व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है।
कार्यक्रम की शुरुआत एआरटी सेंटर पर रेड रिबन बांधकर की गई। बांगड़ अस्पताल अधीक्षक डॉ. कैलाश परिहार ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि जागरूकता बढ़ाने से संक्रमण को रोका जा सकता है और संक्रमित व्यक्तियों को समय पर उपचार उपलब्ध करवाना अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. नूरेन मिर्जा ने बताया कि समय पर जांच और उचित परामर्श के माध्यम से गर्भवती महिलाओं में संक्रमण के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों व लोगों से जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।

डॉ. प्रवीण गर्ग ने एचआरजी—ट्रकर्स, माइग्रेंट्स, सेक्स वर्कर्स आदि—की वजह से एचआईवी संक्रमण के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस वर्ग को काउंसलिंग और नियमित फॉलोअप के माध्यम से जागरूक कर संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है।
एआरटी सेंटर की नोडल अधिकारी डॉ. इरम फैजी ने बताया कि पाली जिले में एचआईवी क्लाइंट्स की नियमित जांच, सरकारी योजनाओं से जोड़ना और समय-समय पर होम विजिट के माध्यम से टीम उन्हें निरंतर सहयोग प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि पाली मारवाड़ नेटवर्क, मरुधर सेवा संस्थान, पॉजिटिव यूथ नेटवर्क व साथी सेवा संस्था जैसी संस्थाएं एचआईवी के साथ जी रहे लोगों को लगातार सेवाएं उपलब्ध करवा रही हैं।

विश्व एड्स दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम में कैंडल जलाकर एचआईवी के कारण अपनी जान गंवाने वाले व्यक्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में बांगड़ परियोजना समन्वयक कांतिलाल, डाटा मैनेजर नरेश वैष्णव, काउंसलर रामराज, यूथ नेटवर्क से नेहा भाटी, सुनीता वैष्णव और मरुधर सेवा संस्थान से वंदना तानिया, राजूराज कंवर, ओमाराम, पूजा, संदीप, स्टाफ नर्स प्रकाश व किशन सिंह मौजूद रहे।



