पाली : पिंक पखवाड़ा शुरू गंभीर एनीमिया से जूझ रही गर्भवती महिलाओं के लिए बनेगा जीवनरक्षक अभियान

पाली : जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू किया गया पिंक पखवाड़ा गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं के लिए राहतभरी पहल साबित होगा। यह विशेष अभियान 15 दिसंबर तक चलेगा और विभाग इसकी गहन मॉनिटरिंग कर रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि जिले को एनीमिया मुक्त बनाने की दिशा में यह एक निर्णायक कदम है। पिंक पखवाड़े का प्रमुख उद्देश्य गंभीर एनीमिया से प्रभावित गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन स्तर बढ़ाकर उन्हें स्वस्थ बनाना है।
डॉ. मारवाल ने बताया कि पखवाड़े के दौरान PCPNDT, PCTS और अन्य स्रोतों के माध्यम से चिन्हित गंभीर एनीमिक गर्भवती महिलाओं को FCM (फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज) इंजेक्शन लगाए जाएंगे। यह इंजेक्शन उन महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जिनका हीमोग्लोबिन स्तर बहुत कम है और आयरन टैबलेट्स लेने के बावजूद सुधार नहीं हो रहा। अभियान के सुचारु संचालन के लिए जिला स्तर पर सभी चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं RCHO डॉ. विजेन्द्र पाल सिंह चुंडावत ने बताया कि जिन गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर खतरनाक रूप से कम है, उन्हें चिकित्सकीय परामर्श के बाद FCM इंजेक्शन दिए जाएंगे। ऐसे मामलों में यह उपचार तेजी से प्रभाव दिखाता है और एनीमिया से जुड़ी जटिलताओं का जोखिम कम करता है।
पिंक पखवाड़ा अभियान जिले में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य स्तर को सुधारने के साथ-साथ एनीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विभाग ने इसे मिशन मोड में चलाने की तैयारी की है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं तक इसका लाभ पहुँच सके।



