जोजावर नवोदय विद्यालय में तीन दिवसीय क्राफ्ट अवेयरनेस प्रोग्राम सम्पन्न, 250 विद्यार्थियों ने सीखी पारंपरिक शिल्प तकनीकें

पाली : भारत सरकार के कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय के हस्तशिल्प सेवा केंद्र, जोधपुर के तत्वावधान में जवाहर नवोदय विद्यालय जोजावर में 10 से 12 दिसंबर तक तीन दिवसीय क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन एंड अवेयरनेस प्रोग्राम (CDAP) का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय पारंपरिक हस्तशिल्प की विविधता, तकनीक और महत्व से अवगत कराना था।
तीन दिवसीय कार्यक्रम में विभाग द्वारा चयनित चार विशेषज्ञ शिल्पियों—एप्लीक, आर्ट मेटल वेयर, वुडन क्राफ्ट और लेदर क्राफ्ट—ने अपनी पारंपरिक कला का लाइव प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने न केवल शिल्प निर्माण की प्रक्रिया को नजदीक से देखा, बल्कि शिल्पों की बारीकियों, उपयोगिता और सांस्कृतिक महत्व के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में करीब 250 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। शिल्पियों के साथ संवाद करते हुए बच्चों ने शिल्प निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरणों, तकनीकों और डिजाइन की विधियों को समझा।
हस्तशिल्प विभाग के सीटीओ सज्जन पाल ने बताया कि CDAP जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में कौशल आधारित गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ाते हैं, साथ ही भारतीय हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय कला और संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में प्रदर्शित चारों शिल्प विधाओं—कढ़ाईयुक्त एप्लीक, धातु शिल्प, लकड़ी की नक्काशी और परंपरागत लेदर क्राफ्ट—ने विद्यार्थियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। करीब से देखने पर विद्यार्थियों ने जाना कि एक-एक शिल्प के पीछे वर्षों पुरानी परंपरा, कौशल और धैर्य का बड़ा योगदान होता है।



