पाली : पांचपदरिया गांव में स्वास्थ्य, राजस्व व पेयजल संकट पर भड़के जागरवाल, कलेक्टर से की त्वरित कार्रवाई की मांग

पाली : राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के पाली जिलाध्यक्ष मदनसिंह जागरवाल ने रोहट क्षेत्र के चोराई सहित विभिन्न गांवों का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद उन्होंने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर पाली विधानसभा क्षेत्र के पांचपदरिया गांव की गंभीर समस्याओं से अवगत कराया।
जागरवाल ने बताया कि पांचपदरिया गांव का उप स्वास्थ्य केन्द्र पिछले सात वर्षों से जर्जर अवस्था में है। भवन की हालत इतनी खराब है कि एएनएम के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है, जिससे ग्रामीणों को प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने आगे बताया कि गांव में पटवार मुख्यालय वर्षों पूर्व स्वीकृत हो चुका है तथा निर्माण के लिए भूमि का पट्टा भी जारी किया जा चुका है, फिर भी आज तक पटवार भवन का निर्माण शुरू नहीं हुआ। इसके चलते किसानों को नकल, नक्शा, नामांतरण सहित अन्य राजस्व कार्यों के लिए 15 किलोमीटर दूर मांडावास आरआई मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

जागरवाल ने बताया कि पांचपदरिया पाली जिले का अंतिम गांव है, जो जालोर जिले की सीमा से सटा हुआ है। क्षेत्र की भूमि लवणीय (खारी) होने के कारण तालाबों का पानी भी खारा हो जाता है, जिसे पशु तक नहीं पीते। इसी वजह से गांव में भीषण सर्दी के मौसम में भी पेयजल संकट बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि विधायक भीमराज भाटी द्वारा अपने कोष से 30 लाख रुपये स्वीकृत कर नई पाइपलाइन बिछवाई गई, लेकिन जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत घर-घर कनेक्शन नहीं होने से ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
मदनसिंह जागरवाल ने जिला कलेक्टर से मांग की कि
पांचपदरिया गांव में नए उप स्वास्थ्य केन्द्र व पटवार भवन के निर्माण की स्वीकृति तत्काल दी जाए, जल जीवन मिशन के तहत लापरवाह ठेकेदारों पर कार्रवाई कर अधूरे कार्य पूरे कराए जाएं, और हर घर तक शुद्ध पेयजल कनेक्शन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।



