पाली : 9 करोड़ से ज्यादा का साइबर फ्रॉड बेनकाब, फर्जी वेबसाइट और QR कोड से देशभर में ठगी करने वाली गैंग का पर्दाफाश

पाली : पाली पुलिस ने देशभर में ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाली एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। गैंग द्वारा बनाई गई फर्जी वेबसाइट और उस पर लगे क्यूआर कोड के जरिए मात्र तीन माह में 9 करोड़ 4 लाख 43 हजार 328 रुपये ऑनलाइन जमा कराए जाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
पाली पुलिस ने गुरुवार शाम पूछताछ के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में
अल्पेश (20) पुत्र भरत भाई ठाकुर निवासी वालेर, थाना धानेरा, चिराग कुमार (20) पुत्र प्रवीण सोलंकी ठाकुर निवासी कसारी, डिसा, अजयकुमार (19) पुत्र रमेश भाई ठाकुर निवासी रमूण, डिसा, राहुल भाई (21) पुत्र पंजी भाई ठाकुर निवासी वालेर, थाना धानेरा शामिल हैं। सभी आरोपी गुजरात के बनासकांठा जिले के निवासी हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, एक हार्ड डिस्क, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, सिम कार्ड सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किया है। शुक्रवार को सभी आरोपियों को देसूरी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 4 दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है।

SP आदर्श सिद्धू ने बताया कि जिले के खिंवाड़ा थाना क्षेत्र के गजनीपुरा गांव में अर्जुन सिंह पुत्र मोहन सिंह के बेरे पर कुछ संदिग्ध युवकों के किराए पर रहने की सूचना मिली थी। इस पर DST टीम प्रभारी ऊर्जाराम एवं खिंवाड़ा SHO उगमराज सोनी के नेतृत्व में 18 दिसंबर को टीम को मौके पर भेजा गया। वहां मकान की चौक में चार युवक लैपटॉप और मोबाइल फोन के साथ बैठे मिले।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ‘जन्नत भाई’ के लिए ऑनलाइन पैसे का काम करते हैं और इसके बदले उन्हें सैलरी मिलती है। लैपटॉप की जांच करने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। लैपटॉप में GREEN.NEONRIKROJLABLEXRABY.BUZZ और HISPER.BREATHEYIELDINGTREE.XYZ नाम की फर्जी वेबसाइट्स के पैनल मिले, जिनमें कुल 17 बैंक अकाउंट जोड़े गए थे।
जांच में सामने आया कि 16 सितंबर से 15 दिसंबर 2025 के बीच QR कोड के माध्यम से 9 करोड़ से अधिक की राशि इन खातों में ट्रांसफर हुई। आरोपियों से खातों के संबंध में पूछताछ की गई, लेकिन वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
खिंवाड़ा थाना प्रभारी उगमराज सोनी ने बताया कि चारों आरोपी करीब डेढ़ महीने से किराए पर रहकर साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहे थे। पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य मास्टरमाइंड ‘जन्नत भाई’ है, जिसकी तलाश जारी है और उसे भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।



