पाली पुलिस पर बड़ा दाग, 118 किलो डोडा-पोस्त पकड़कर 2 लाख की डील में छोड़ा तस्कर, तीसरे थाने ने दोबारा पकड़ा, 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

पाली : पाली जिले में कानून के रक्षक ही कानून तोड़ते नजर आए। 118 किलो डोडा-पोस्त से भरी कार पकड़ने के बावजूद 2 लाख रुपये की अवैध डील कर तस्कर को छोड़ने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह रही कि कुछ ही देर बाद उसी कार को तीसरे थाने की पुलिस ने फिर पकड़ लिया। पूरे मामले की जांच के बाद SP आदर्श सिद्धू ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
एसपी आदर्श सिद्धू ने बताया कि 18 दिसंबर (गुरुवार) को देसूरी थाने के हेड कॉन्स्टेबल सोहनलाल (38), कॉन्स्टेबल बंशीलाल (28) और सादड़ी थाने के हेड कॉन्स्टेबल रामकेश (45), कॉन्स्टेबल नन्छूराम (32) किसी कार्य से पाली पुलिस लाइन आए थे। यहां से चारों निजी आई-10 कार (DD-03-0365) में पाली से रवाना हुए।
रात के समय रानी थाना क्षेत्र के बूसी और सोमेसर गांव के बीच इन पुलिसकर्मियों ने डोडा-पोस्त से भरी एक संदिग्ध कार को रुकवाया। कार्रवाई करने के बजाय उन्होंने तस्करों से मोलभाव कर 2 लाख रुपये में सौदा तय किया और कार को छोड़ दिया।
डोडा-पोस्त से भरी कार जोधपुर के चौपासनी क्षेत्र निवासी तस्कर भंवर खिलेरी की बताई जा रही है, जिसे धीरेंद्र जाट चला रहा था। पूछताछ में सामने आया कि तस्कर भंवर खिलेरी अपने साथी प्रकाश पटेल के साथ कार को एस्कॉर्ट कर रहा था। पुलिसकर्मियों ने ड्राइवर धीरेंद्र के मोबाइल से भंवर खिलेरी से बात कर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी और डील फाइनल की।
भंवर खिलेरी ने रुपये जुटाने के लिए समय मांगा तो पुलिसकर्मियों ने जोधपुर में ही पैसे दिलाने को कहा। इसके बाद भदवासिया पुलिया के पास श्रीराम हॉस्पिटल के नजदीक एक बेयरिंग की दुकान पर पुलिसकर्मियों के परिचित को 2 लाख रुपये दिलवाए गए। इसके बाद तस्कर को छोड़ दिया गया।
लेकिन पुलिसकर्मियों की यह चाल ज्यादा देर तक नहीं चली। कुछ ही समय बाद मुखबिर की सूचना पर पाली सदर थाना प्रभारी कपूराराम चौधरी की टीम ने पणिहारी तिराहे के पास उसी कार को रोक लिया। तलाशी लेने पर कार से 118 किलो डोडा-पोस्त बरामद किया गया और ड्राइवर धीरेंद्र जाट को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में धीरेंद्र ने बताया कि इससे पहले भी देसूरी क्षेत्र में कार रोकी गई थी, लेकिन तब सौदा नहीं हो पाया था। इस बार रकम नहीं देने पर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी गई और वॉट्सऐप कॉल व फोन के जरिए डील फाइनल की गई।
गंभीर बात यह भी सामने आई कि जिस स्थान पर कार रोकी गई, वह रानी थाना क्षेत्र में आता है, जबकि सोमेसर चौकी महज एक किलोमीटर दूर है। इसके बावजूद न तो रानी पुलिस को सूचना दी गई और न ही कार को चौकी ले जाया गया।
मामले की जानकारी मिलते ही SP आदर्श सिद्धू ने तत्काल जांच करवाई। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर देसूरी थाने के हेड कॉन्स्टेबल सोहनलाल, कॉन्स्टेबल बंशीलाल और सादड़ी थाने के हेड कॉन्स्टेबल रामकेश व कॉन्स्टेबल नन्छूराम को सस्पेंड कर दिया गया है।
साथ ही पाली सदर थाने में चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच बाली ASP चैनसिंह महेचा को सौंपी गई है।
इस घटनाक्रम ने पाली पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है और पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है।



