पाली : सवाईपुरा गांव को मिला राष्ट्रीय पहचान का गौरव, CSIR स्मार्ट विलेज मिशन में हुआ चयन

पाली : प्रधानमंत्री “विकसित भारत–2047” के विज़न को साकार करने की दिशा में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) द्वारा “CSIR स्मार्ट विलेज” मिशन मोड परियोजना का शुभारंभ किया गया। इस महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत देश के विभिन्न जलवायु क्षेत्रों से छह गांवों का चयन किया गया है, जिनमें राजस्थान के पाली जिले का सवाईपुरा गांव को गर्म एवं शुष्क जलवायु क्षेत्र के प्रतिनिधि गांव के रूप में शामिल किया गया है।
यह परियोजना “लैब टू लैंड” की अवधारणा पर आधारित है, जिसके तहत स्वदेशी CSIR तकनीकों के माध्यम से गांवों का समग्र एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जाएगा। मिशन का नेतृत्व CSIR–केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI), रुड़की द्वारा किया जा रहा है, जिसमें देश की 13 अग्रणी CSIR प्रयोगशालाएं सहभागी के रूप में कार्य कर रही हैं।
परियोजना के तहत आवास नियोजन, आधारभूत संरचना, ग्रामीण सड़कें, कृषि व कृषि आधारित आजीविका, नवीकरणीय ऊर्जा, इको-किचन, भूजल एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल कनेक्टिविटी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अत्याधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में राजस्थान सरकार एवं बाल रक्षा भारत (सेव द चिल्ड्रन) द्वारा कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

इस राष्ट्रीय मिशन का औपचारिक शुभारंभ पाली सांसद पी. पी. चौधरी, जेपीसी (वन नेशन, वन इलेक्शन) के अध्यक्ष, तथा डॉ. एन. कलैसेल्वी, सचिव डीएसआईआर एवं महानिदेशक CSIR, नई दिल्ली द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया।
कार्यक्रम में प्रो. प्रदीप कुमार रामणचारला, निदेशक CSIR–CBRI रुड़की, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि सुनील भंडारी, पाली विधायक भीमराज भाटी, विशाल सिपा (अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पंचायती राज), सी. पी. वर्मा, हरी सिंह राजपुरोहित, पुरण कुमार शानी (उपखंड अधिकारी), मनमोहन मीणा (खंड विकास अधिकारी, रोहट), दिलीप सिंह ग्राम विकास अधिकारी सहित अनेक वैज्ञानिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वय CSIR के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. किशोर द्वारा किया गया।
सवाईपुरा गांव का इस प्रतिष्ठित परियोजना में चयन होने से पाली जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है और यह गांव आने वाले समय में आदर्श स्मार्ट ग्राम मॉडल के रूप में विकसित होगा।



