पाली में नो-मैपिंग मतदाताओं का सत्यापन शुरू, 15 जनवरी तक आठ सुनवाई केंद्रों पर होगा दस्तावेजों का परीक्षण

पाली : निर्वाचन विभाग द्वारा पूर्व में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत नो-मैपिंग मतदाताओं को जारी किए गए नोटिसों के बाद अब उनके सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह सत्यापन कार्यक्रम 15 जनवरी 2026 तक जारी रहेगा।
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी विमलेंद्र सिंह राणावत ने बताया कि जिन मतदाताओं ने स्वयं अथवा अपने परिजनों से संबंधित विवरण समय पर नहीं भरा है, उन्हें निर्वाचक नामावली में पंजीकृत मतदाता के रूप में स्थापित करने के लिए निर्वाचन क्षेत्र में कुल आठ सुनवाई केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर मतदाता अपने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवा सकेंगे।

राणावत ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निम्न स्थानों पर सुनवाई केंद्र स्थापित किए गए हैं—
उपखंड अधिकारी कार्यालय, पाली, उपखंड अधिकारी कार्यालय, रोहट तहसील कार्यालय, पाली, तहसील कार्यालय, रोहट, नायब तहसीलदार कार्यालय, पाली, नायब तहसीलदार कार्यालय, रोहट, नायब तहसीलदार कार्यालय, जेतपुर, सीबीईओ कार्यालय, पाली इन केंद्रों पर नोटिस प्राप्त मतदाता निर्वाचन विभाग द्वारा जारी सूचीबद्ध दस्तावेज प्रस्तुत कर अपने नाम का सत्यापन करवा सकेंगे।
समस्या निवारण के लिए तैनात अधिकारी-कर्मचारी
सुनवाई केंद्रों पर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नायब तहसीलदार पाली बाबूलाल चौहान, अर्जुन सिंह, जयपाल सिंह चौहान, रमेश अणकिया, सुरेश व्यास, मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह परिहार, राजेश कुमार सैन, हेमाराम, मांगीलाल, संपत, प्रियंका कात्याल, तरुण त्रिवेदी, बसंत, लोकेश दवे, मनोज कुमार रांगी, पारसराम, अनिता पारीक सहित निर्वाचन से जुड़े अनेक कार्मिकों को तैनात किया गया है।
निर्वाचन विभाग ने सभी संबंधित मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर मतदाता सूची में नाम सुनिश्चित कराएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मताधिकार से वंचित न रहे।



