‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत सुमेरपुर के गांवों में कांग्रेस का जनसंवाद, मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई तेज

पाली : “मनरेगा बचाओ संग्राम महाअभियान” के अंतर्गत पाली जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में मनरेगा श्रमिकों से व्यापक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान के तहत बाला, डेण्डा एवं कुरना गांवों में आयोजित संवाद कार्यक्रम का नेतृत्व पाली जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाडा ने किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मनरेगा श्रमिक, ग्रामीण नागरिक, कांग्रेस कार्यकर्ता एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष निम्बाडा ने कहा कि मनरेगा में किए जा रहे बदलाव मजदूरों के अधिकारों का सीधा हनन हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा योजना देश के करोड़ों गरीब, मजदूर एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका का मजबूत आधार रही है, लेकिन वर्तमान नीतियों के चलते इसकी मूल भावना को कमजोर किया जा रहा है।

निम्बाडा ने कांग्रेस की प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी और जवाबदेही की गारंटी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मनरेगा में किए गए सभी बदलावों को तत्काल वापस लेने, मजदूरों को समय पर रोजगार और भुगतान देने, काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली तथा न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन किए जाने की जोरदार मांग की।
इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जोगाराम सोलंकी ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस मजदूरों और गरीबों के हक की आवाज लगातार उठाती रहेगी। वहीं समाजसेवी कन्हैयालाल परिहार ने मनरेगा को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि इसे कमजोर करने का कोई भी प्रयास गरीबों के साथ अन्याय होगा।

कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भारत कुमार, भारत सिंह पाटवी, सुरेश परिहार, राजाराम मेघवाल, धीराराम मीणा, पन्नालाल, आदाराम मीणा, माँगूसिंह भोमिया सहित सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता, कांग्रेस पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में मनरेगा श्रमिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।



