ओम आश्रम जाडन के महामंडलेश्वर संत महेश्वरानंद की जान को खतरा! प्रॉपर्टी हड़पने की साजिश का आरोप, दो पर केस दर्ज

पाली : पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र ओम आश्रम जाडन से जुड़े महामंडलेश्वर संत महेश्वरानंद की जान को खतरा होने और आश्रम की संपत्तियों पर अवैध कब्जे की साजिश का गंभीर मामला सामने आया है। संत की निजी सहायिका उमा पुरी ने पाली के समाजसेवी नेमीचंद चौपड़ा और आश्रम से जुड़े संत फूलपुरी पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया है।
रिपोर्ट के अनुसार संत महेश्वरानंद बीमार हैं और कई धर्मार्थ ट्रस्टों व संपत्तियों के संरक्षक हैं। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने साजिश के तहत संत को खाने पर बुलाकर आश्रम की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों पर अंगूठे के निशान जबरन लगवाए।

लंच के बहाने घर ले जाकर दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाने का आरोप
उमा पुरी ने पुलिस को बताया कि 12 जनवरी 2026 को संत फूलपुरी, महामंडलेश्वर संत महेश्वरानंद को मानपुरा भाकरी स्थित नेमीचंद चौपड़ा के घर लंच के लिए ले गए। इस दौरान उमा पुरी और संत के मुख्य सहायक जोल्टन ओलाह भी साथ थे।
रिपोर्ट में बताया गया कि लंच के दौरान दोनों को बाहर जाने को कहा गया, लेकिन विरोध के बाद वे लॉबी में रुक गए। कांच के जरिए उन्होंने देखा कि एक अज्ञात महिला, जो संभवतः वकील हो सकती है, संत महेश्वरानंद के पास लाई गई। कुछ देर बाद जब उन्हें अंदर जाने से रोका गया, तो शक होने पर वे वापस डायनिंग एरिया में पहुंचे।
अंगूठे पर नीली स्याही, दस्तावेज छिपाने का आरोप
अंदर जाने पर उन्होंने देखा कि संत महेश्वरानंद के अंगूठे पर नीली स्याही लगी थी, जिसे नेमीचंद चौपड़ा साफ करने का प्रयास कर रहे थे। आरोप है कि उस अज्ञात महिला ने कुछ दस्तावेज बैग में छिपाकर वहां से निकल गई। पूछताछ करने पर आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। उमा पुरी का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी उनके पास मौजूद है।

गंभीर आरोप: जान को खतरा और ट्रस्ट संपत्ति हड़पने की साजिश
रिपोर्ट में कहा गया है कि संत महेश्वरानंद वर्तमान में मानसिक और शारीरिक रूप से पूर्ण रूप से सक्षम नहीं हैं। ऐसे में अनुचित प्रभाव, दबाव और आपराधिक धमकी के जरिए दस्तावेजों पर अंगूठे के निशान लिए गए। आशंका जताई गई है कि इसका उद्देश्य संत के ट्रस्टों, धन और संपत्तियों पर अवैध कब्जा करना है। उमा पुरी ने यह भी कहा कि उन्हें संत महेश्वरानंद और उनके उत्तराधिकारी स्वामी अवतार पुरी की शारीरिक सुरक्षा को लेकर भी गंभीर आशंका है।
पुलिस से सबूत सुरक्षित करने की मांग
शिकायत में नेमीचंद चौपड़ा के घर के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने और संदिग्ध दस्तावेजों को बरामद करने की मांग की गई है, ताकि उनका दुरुपयोग रोका जा सके।
आरोपों पर क्या बोले आरोपी
इस मामले में समाजसेवी नेमीचंद चौपड़ा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
वहीं आश्रम के संत फूलपुरी का कहना है कि एक एडवोकेट जरूरी काम से आए थे और कुछ दस्तावेजों पर साइन करवा कर भेजने थे, लेकिन विरोध होने पर साइन रुकवा दिए गए थे।
पुलिस का बयान
कोतवाली थानाधिकारी जसवंत सिंह राजपुरोहित ने बताया कि उमा पुरी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।




