राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर पाली बना नवाचार का केंद्र, आई-स्टार्ट कार्यशाला में युवाओं को मिला स्टार्टअप का रोडमैप

पाली : सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के आई-स्टार्ट कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर शुक्रवार को इन्क्यूबेशन सेंटर, पाली में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों को स्टार्टअप संस्कृति, तकनीकी नवाचार और उद्यमिता के प्रति जागरूक करना रहा।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त निदेशक राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि कार्यशाला में प्रोग्रामर प्रवीण भाटी ने स्टार्टअप की मौलिक तैयारी, संभावित चुनौतियों तथा नवाचार के माध्यम से विचारों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से मिलने वाले मार्गदर्शन, संसाधन एवं तकनीकी सहायता की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी।

इन्क्यूबेशन सेंटर के मेंटर संदीप शर्मा, सूचना सहायक अभिषेक एवं जूनियर डोमेन एक्सपर्ट राजू मेंशन ने स्टार्टअप शुरू करने की प्रक्रिया, पंजीकरण की विधि एवं आवश्यक औपचारिकताओं की व्यावहारिक जानकारी साझा की।
इस अवसर पर स्टार्टअप उद्यमी दिनेश उज्जवल, मोहित, संदीप चौहान एवं भावना पंवार ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित किया। उल्लेखनीय है कि 12 दिसंबर 2025 को आयोजित राज्य स्तरीय नवाचार दिवस में पाली जिले के 6 स्टार्टअप्स को कुल 20.40 लाख रुपये की अनुदान राशि प्रदान की जा चुकी है।

पंजीकृत स्टार्टअप्स को व्यवसाय विस्तार हेतु नियमित मेंटरशिप उपलब्ध करवाई जा रही है। आई-स्टार्ट राजस्थान सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य उभरते उद्यमियों को मार्गदर्शन, संसाधन एवं वित्तीय सहयोग प्रदान करना है।
वर्तमान में इन्क्यूबेशन सेंटर राजकीय बांगड़ महाविद्यालय परिसर में संचालित है, जहाँ स्टार्टअप पंजीकरण के पश्चात् इन्क्यूबेटर्स को एक वर्ष तक निःशुल्क बैठने की सुविधा दी जाती है। फिलहाल केंद्र में 143 स्टार्टअप पंजीकृत हैं, जिनमें से 96 स्टार्टअप राज्य स्तर पर चयनित हो चुके हैं। कार्यक्रम में आरकेसीएल के जिला समन्वयक, सेंटर प्रभारी सहित विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



