हिंदू सम्मेलन में गूंजा सनातन स्वाभिमान का स्वर, मातृशक्ति के शौर्य ने बांधा समां

पाली : समस्त हिन्दू समाज आयोजन समिति के तत्वावधान में मंडिया रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सरस्वती नगर बस्ती क्षेत्र के शिव नगर, राजीव नगर, जवाहर नगर एवं आशापुरा नगर का हिन्दू सम्मेलन भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। सम्मेलन का आयोजन बड़ा खेड़ापा रामद्वारा के महंत सुरजनदास महाराज, सद्गुरु त्रिकमदास धामपीठ तख्तगढ़ के युवाचार्य अभयदास महाराज तथा गोटन दरियाव रामस्नेही आश्रम के महंत रामेश्वरम महाराज के सानिध्य में किया गया।

सम्मेलन संयोजक शिवराज सिंह राजपुरोहित ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान भजन गायक दुर्गेश मारवाड़ी के भजनों पर माताओं-बहनों ने उत्साहपूर्वक नृत्य कर सनातन संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। वहीं पूजा वैष्णव, लक्षिता प्रजापत एवं तान्या मेवाड़ा द्वारा तलवार के साथ किए गए शौर्य प्रदर्शन ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्य वक्ता डॉ. दिव्या राजपुरोहित ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि हिंदुत्व और सनातन परंपरा की अक्षुण्णता बनाए रखने हेतु स्वबोध, आत्मबोध एवं शत्रुबोध का ज्ञान आवश्यक है। उन्होंने नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता, नारी सामर्थ्य और शक्ति की अनादि परंपरा पर प्रकाश डालते हुए गार्गी, मैत्री, अनुसूया, माता सीता एवं अहिल्याबाई होलकर के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

युवाचार्य अभयदास महाराज ने महाराणा प्रताप के ननिहाल पाली की मातृशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ की महिलाएँ वीरता और सहनशीलता की सजीव प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने कहा कि यह महिला शक्ति परिवार एवं समाज की रक्षा हेतु दुर्गा और काली के स्वरूप को धारण करने में पूर्णतः सक्षम है। साथ ही उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सदैव ऋषि-मुनियों, ब्राह्मणों एवं चिंतकों के प्रयासों से सशक्त रहा है और आगे भी बना रहेगा।

सम्मेलन में भोजन प्रसादी का लाभ भागचंद मेवाड़ा एवं लोकेश मेवाड़ा परिवार द्वारा प्रदान किया गया। आयोजन को सफल बनाने में सहसंयोजक मंगलाराम चौधरी, श्याम सैन, प्रवीण त्रिवेदी भांवरी, जालमसिंह राजपुरोहित, सुरेश पटेल, हेमराज, महेश शर्मा, लोकेश मेवाड़ा, प्रमोद सहित अनेक स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा।



