पाली जिला कारागृह का आकस्मिक निरीक्षण: बंदियों को मिली निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋचा चौधरी ने शुक्रवार को जिला कारागृह पाली का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेल में 100 बंदी निरुद्ध पाए गए।

मजिस्ट्रेट ऋचा चौधरी ने बंदियों से संवाद कर भोजन, चिकित्सा, पेयजल व सफाई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी बंदी को विधिक सहायता के अभाव में न्याय से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने ऐसे बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के प्रावधानों की जानकारी दी जो निजी अधिवक्ता रखने में असमर्थ हैं। इसके साथ ही उन बंदियों की जानकारी भी ली गई जिनकी जमानत हो चुकी है लेकिन वे अब भी जेल में हैं। उन्होंने सभी बंदियों को उनके प्रकरण की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। यह भी सुनिश्चित किया गया कि जिला कारागृह में कोई भी 18 वर्ष से कम उम्र का बंदी निरुद्ध न हो।

स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत बंदियों की नियमित ओपीडी जांच की जा रही है तथा आपात स्थिति में उन्हें राजकीय बांगड़ अस्पताल रेफर किया जाता है। निरीक्षण के दौरान कारापाल जोराराम, जेल चिकित्सक डॉ. जसाराम, विजिटिंग लॉयर वैशाली व्यास, अल्ताफ हुसैन समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



