इंद्रजीत सिंह हत्याकांड पर फालना में उबाल, निष्पक्ष जांच और री-पोस्टमार्टम की मांग को लेकर विशाल धरना

पाली : फालना के चर्चित इंद्रजीत सिंह हत्याकांड को लेकर शनिवार को फालना पुलिस थाने के बाहर राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा एवं सर्व समाज के नेतृत्व में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों समाजबंधुओं और विभिन्न समाजों के लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच, री-पोस्टमार्टम और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई।

धरने को संबोधित करते हुए राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा के अध्यक्ष Jabar Singh Rajpurohit ने आरोप लगाया कि इंद्रजीत सिंह के शव का पोस्टमार्टम जल्दबाजी में कर मामले की गंभीरता को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने एम्स मेडिकल बोर्ड से री-पोस्टमार्टम करवाने तथा एफएसएल रिपोर्ट तत्काल मंगवाने की मांग की।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक पाली से मामले की दस बिंदुओं पर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि अब तक की कार्रवाई से निष्पक्ष न्याय की उम्मीद कमजोर नजर आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि घटना स्थल पर तेल कहां से आया, आसपास की सूक्ष्म जांच क्यों नहीं हुई, इंद्रजीत को सांडेराव किसने बुलाया और वह किन लोगों के संपर्क में था।

धरने में वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इंद्रजीत सिंह ने घटना से पहले अपनी पत्नी और माता को फोन कर कुछ लोगों द्वारा मारपीट और जान से मारने की आशंका जताई थी। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि मृतक को नशे की हालत में अधमरा छोड़ दिया गया तथा उसका मोबाइल भी सबूत मिटाने के उद्देश्य से गायब किया गया।
धरना स्थल पर विधायक Pushpendra Singh भी पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय से वार्ता कर एम्स मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम एवं उच्चस्तरीय जांच करवाने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद सरकार के नाम ज्ञापन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीएम को सौंपा गया।

धरने को जयेन्द्र सिंह गलथनी, रघुनाथ सिंह शिवतलाव, किशोर सिंह ठाकुरवास, प्रकाश पावा, मोहन सिंह नाडोल, प्रबल सिंह मंडली, एस.एस. टाइगर, सुमित्रा धारियां, रूप सिंह सेसली, सुमेर सिंह मनवार, राम सिंह राडबर और शैतान सिंह वारकाणा सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



