राजपुरोहित महासभा का संगठन विस्तार अभियान तेज, जून अंत तक सदस्यता अभियान पूरा करने का लक्ष्य

पाली : राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा ने संगठन को मजबूत और व्यापक स्वरूप देने के लिए सदस्यता अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। इसको लेकर महासभा के प्रदेशाध्यक्ष जबर सिंह राजपुरोहित की अध्यक्षता में विभिन्न जिलाध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित हुई, जिसमें संगठन विस्तार और आगामी राष्ट्रीय महाअधिवेशन को लेकर महत्वपूर्ण रणनीति तय की गई।
बैठक में जैसलमेर, फलोदी, शेरगढ़, ओसियां, जोधपुर ग्रामीण पश्चिम, जोधपुर ग्रामीण दक्षिण, जोधपुर ग्रामीण पूर्व, जोधपुर शहर उत्तर, दक्षिण, सेंट्रल और नागौर जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदेशाध्यक्ष जबर सिंह राजपुरोहित ने “वन टू वन” कार्य योजना तैयार करते हुए जून के अंतिम सप्ताह तक सदस्यता अभियान पूर्ण करने की समय सीमा तय की।
उन्होंने कहा कि सामाजिक और राजनीतिक सफलता का आधार संगठन की मजबूती और सामाजिक एकता है। इसके लिए समाज के प्रत्येक घर तक पहुंचकर लोगों को संगठन से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से समर्पण और निष्ठा के साथ सदस्यता अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

बैठक में बालोतरा में प्रस्तावित राजपुरोहित महासभा के राष्ट्रीय महाअधिवेशन को लेकर भी चर्चा हुई। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि अधिवेशन में सभी जिलों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि समाज की सामूहिक शक्ति को नई दिशा मिल सके। सदस्यता अभियान पूर्ण होने के बाद अधिवेशन की तिथि घोषित करने की बात भी कही गई।
प्रदेश उपाध्यक्ष बाबू सिंह बम्बोर ने जिला इकाइयों की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए सदस्यता अभियान की प्रगति की जानकारी दी और दूसरे चरण को तय समय सीमा में पूरा करने का संकल्प दोहराया।
बैठक के दौरान मंडल अध्यक्षों के कार्यों की समीक्षा कर निष्क्रिय इकाइयों में बदलाव का प्रस्ताव भी पारित किया गया। साथ ही जिला प्रभारियों और जिलाध्यक्षों को समन्वय स्थापित कर 30 दिनों के भीतर मंडल स्तर तक सदस्यता अभियान पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में महिला और युवा महासभा इकाइयों के पुनर्गठन तथा जून के अंतिम सप्ताह में प्रदेशाध्यक्ष के पश्चिमी राजस्थान दौरे की रूपरेखा तैयार करने का भी निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर लक्ष्मण देवीदास बावड़ी, कान सिंह देचू, दान सिंह बुड़किया, हनुमान सिंह बडली, पैप सिंह बामणू, फौजी रामू सिंह रड़वा, भीख सिंह रड़वा, राजेंद्र सिंह निम्बाड़ा सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।



