पाली में तंबाकू कारोबार पर बड़ा शिकंजा, जर्दा बाजार में छापा, 10 किलो प्रतिबंधित जर्दा जब्त, कानूनी कार्रवाई शुरू

पाली : तंबाकू उत्पादों के अवैध कारोबार और तंबाकू नियंत्रण कानूनों की अनदेखी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को पाली शहर में बड़ी कार्रवाई करते हुए जर्दा बाजार स्थित एक प्रतिष्ठान से 10 किलोग्राम प्रतिबंधित जर्दा जब्त किया। कार्रवाई के बाद शहर के तंबाकू कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
आयुक्तालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रक, जयपुर के निर्देशों के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विकास मारवाल तथा सहायक औषधि नियंत्रक भरत गोस्वामी के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की संयुक्त टीम ने जर्दा बाजार में संचालित मोहनलाल एंड संस पर औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान टीम को तंबाकू नियंत्रण कानून “कोटपा” (सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) के प्रावधानों का उल्लंघन मिलता पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर कार्रवाई करते हुए 10 किलोग्राम प्रतिबंधित जर्दा जब्त कर लिया तथा संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि तंबाकू उत्पादों की बिक्री और भंडारण के लिए निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।

कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप सिंह यादव एवं सुरेश चंद्र शर्मा के साथ औषधि नियंत्रण अधिकारी माधो सिंह और दिनेश कुमार सुथार शामिल रहे। टीम ने मौके पर दस्तावेजों और उत्पादों की जांच कर नियमों के उल्लंघन से जुड़े साक्ष्य भी एकत्र किए।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी खाद्य व्यवसाय संचालक (FBO) द्वारा बिना निर्धारित जनहित स्वास्थ्य चेतावनी वाले तंबाकू उत्पादों का भंडारण, वितरण या विक्रय करना पूरी तरह अवैध है। नियमों के अनुसार तंबाकू उत्पादों की पैकिंग पर कम से कम 85 प्रतिशत भाग पर सचित्र एवं लिखित स्वास्थ्य चेतावनी अंकित होना अनिवार्य है। अधिकारियों ने कहा कि जनस्वास्थ्य की दृष्टि से इन नियमों का पालन सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।
कोटपा अधिनियम की धारा 6 के तहत किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। इसके अलावा 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू बेचना अथवा उनसे तंबाकू उत्पादों की बिक्री करवाना दंडनीय अपराध है।
दुकानदारों को अपनी दुकानों पर स्पष्ट रूप से यह चेतावनी बोर्ड लगाना भी अनिवार्य है कि “18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तंबाकू बेचना अपराध है।”

सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने कहा कि कोटपा अधिनियम की अवहेलना करने वाले किसी भी खाद्य व्यवसाय संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि गंभीर मामलों में भारी आर्थिक दंड के साथ कारावास का प्रावधान भी लागू किया जाएगा। विभाग आने वाले दिनों में भी ऐसे प्रतिष्ठानों पर निगरानी रखेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों, दुकानदारों और तंबाकू उत्पाद विक्रेताओं से अपील की है कि वे कोटपा अधिनियम और खाद्य सुरक्षा नियमों का पूर्ण पालन करें। विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं और आमजन को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने की व्यापक पहल का हिस्सा है।



