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पति की मौत के बाद टूटा सहारा, जनसुनवाई में मिली नई उम्मीद, पेंशन और पालनहार योजना से बेबी के परिवार को मिला संबल

पाली : कभी आर्थिक तंगी और भविष्य की चिंता में डूबी एक महिला के चेहरे पर आज राहत और उम्मीद की मुस्कान है। पाली जिले के खिंवाड़ा गांव की रहने वाली श्रीमती बेबी की जिंदगी में प्रशासन की संवेदनशील पहल ने नया उजाला भर दिया। विशेष जनसुनवाई शिविर में उनकी वर्षों पुरानी परेशानी का समाधान हुआ और उन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन के साथ पालनहार योजना का लाभ भी मिल गया।

बेबी के पति स्वर्गीय कुलदीप कुमार अहमदाबाद में रहकर मजदूरी एवं अन्य कार्यों के माध्यम से परिवार का भरण-पोषण करते थे। 20 अप्रैल 2024 को उनके असामयिक निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह डगमगा गई। आय का एकमात्र स्रोत बंद होने से बेबी और उनके बच्चों के सामने रोजमर्रा के खर्चों से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक का संकट खड़ा हो गया।

आर्थिक परेशानियों के चलते उन्हें अहमदाबाद छोड़कर अपने पैतृक गांव खिंवाड़ा लौटना पड़ा, जहां सीमित संसाधनों के बीच जीवनयापन करना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया।

गांव लौटने के बाद बेबी को राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन और पालनहार योजना के बारे में जानकारी मिली, लेकिन आवश्यक दस्तावेजों और जनआधार कार्ड के अभाव में वे इन योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रहीं। परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद सरकारी सहायता नहीं मिलने से उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही थीं।

बेबी की समस्या जब उपखंड अधिकारी रानी के संज्ञान में आई तो उन्होंने तत्परता दिखाते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया। प्रशासनिक प्रयासों से उनका जनआधार कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाए गए, जिससे सरकारी योजनाओं का रास्ता साफ हो सका।

4 जून को ग्राम खिंवाड़ा में आयोजित विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर की मौजूदगी में बेबी के मामले की सुनवाई की गई। जनसुनवाई में उनकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन तत्काल स्वीकृत कर दी गई।

इतना ही नहीं, पालनहार योजना के लिए प्रस्तुत आवेदन का सामाजिक सुरक्षा अधिकारी कानाराम पारंगी ने मौके पर ही परीक्षण कर स्वीकृति जारी कर दी। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से बेबी और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली।

सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने के बाद अब श्रीमती बेबी को अपने बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक सहायता मिलेगी। परिवार के लिए यह सहायता किसी जीवनरेखा से कम नहीं है।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता ने एक जरूरतमंद परिवार को संकट से उबरने का अवसर दिया है।

खिंवाड़ा में आयोजित विशेष जनसुनवाई केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक जरूरतमंद परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी बनी। यह मामला दर्शाता है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता है तो सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकता है।

कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

Rajasthan Today

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