सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 साल पूरे, पाली में 9 जून को गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर

पाली : गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) ने अपने 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर 9 जून को पाली जिले में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविरों और जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर की गर्भवती महिलाओं से इन विशेष सत्रों का लाभ उठाने की अपील की है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार अभियान की दसवीं वर्षगांठ को विशेष रूप से मनाया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच (ANC) सेवाएं उपलब्ध कराना तथा उच्च जोखिम गर्भावस्था (High Risk Pregnancy) की पहचान कर उचित उपचार और निगरानी सुनिश्चित करना है।
9 जून को जिले के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, जिला अस्पतालों, उप जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्रथम रेफरल इकाइयों (FRU), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर विशेष पीएमएसएमए सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इन शिविरों में गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण, रक्त एवं मूत्र जांच, परामर्श, आवश्यक दवाइयां तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा मां वाउचर योजना के तहत अल्ट्रासोनोग्राफी (USG) सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार विस्तारित ई-पीएमएसएमए (e-PMSMA) प्रणाली के माध्यम से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी की जा रही है। ऐसे मामलों में अतिरिक्त फॉलोअप विजिट, रेफरल सुविधा और प्रसव के बाद 45 दिनों तक निरंतर देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।
एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से प्रत्येक हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मामले में कम से कम तीन फॉलोअप विजिट कर उपचार और देखभाल की निरंतरता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
अभियान के तहत जिलेभर में व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर सूचना सामग्री प्रदर्शित की जाएगी, वहीं सोशल मीडिया, रेडियो, टेलीविजन और सामुदायिक बैठकों के माध्यम से भी लोगों को प्रसव पूर्व जांच के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।
वीएचएसएनडी, जन आरोग्य समितियों, स्वयं सहायता समूहों और पंचायत राज संस्थाओं के माध्यम से भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने जिले की सभी गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से अपील की है कि वे 9 जून को आयोजित विशेष प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान सत्रों में पहुंचकर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श, अल्ट्रासाउंड तथा अन्य उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि समय पर जांच और विशेषज्ञ सलाह से गर्भावस्था के दौरान होने वाले जोखिमों को कम किया जा सकता है तथा मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखा जा सकता है। सुरक्षित मातृत्व केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।



