पाली : सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 साल पूरे, हजारों गर्भवती महिलाओं तक पहुंची स्वास्थ्य सेवाओं की सौगात

पाली : गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के 10 वर्ष पूर्ण होने पर मंगलवार को पाली जिले में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिले के सभी राजकीय स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, परामर्श और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से अभियान की उपलब्धियों को साझा किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि जिला मुख्यालय सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं ने भाग लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। इस दौरान महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (ANC), रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, वजन, ब्लड शुगर सहित विभिन्न आवश्यक चिकित्सकीय जांचें निःशुल्क की गईं।

विशेष शिविरों के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं (High Risk Pregnancy) की पहचान कर संबंधित महिलाओं को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराईं। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच करवाने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर जांच और उपचार से गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है।

कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, आयरन-फोलिक एसिड (IFA) की गोलियों का नियमित सेवन करने, समय पर टीकाकरण कराने और संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
स्वास्थ्य कर्मियों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सावधानियों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया और महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी।

आरसीएचओ डॉ. विजेंद्रपाल सिंह चुंडावत ने बताया कि वर्ष 2016 में शुरू किया गया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान पिछले एक दशक में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में बेहद प्रभावी साबित हुआ है। अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9 तारीख को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच और परामर्श किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस पहल के कारण गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं की समय रहते पहचान संभव हुई है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

विशेष कार्यक्रमों के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने अभियान की 10 वर्षों की उपलब्धियों, मातृ स्वास्थ्य में आए सकारात्मक बदलावों और सुरक्षित मातृत्व के महत्व को लेकर जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है।
जिलेभर में आयोजित कार्यक्रमों ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि समय पर जांच, उचित पोषण और चिकित्सकीय देखभाल से मातृत्व को सुरक्षित बनाया जा सकता है तथा स्वस्थ समाज की नींव मजबूत की जा सकती है।



