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निजी स्कूलों की समस्याओं पर शिक्षा निदेशक से सीधी बातचीत, RTE भुगतान और टीसी नियमों पर जल्द राहत के संकेत

पाली : प्रदेशभर के निजी विद्यालयों से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों को लेकर प्राइवेट स्कूल्स फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट से महत्वपूर्ण मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में निजी स्कूल संचालकों की विभिन्न समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद कई मुद्दों पर सकारात्मक समाधान की उम्मीद जगी है।

पाली निजी शिक्षण संस्थान विकास समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयशंकर त्रिवेदी एवं गोपीदास रामावत ने प्राइवेट स्कूल्स फेडरेशन के बैनर तले शिक्षा निदेशक के समक्ष निजी विद्यालयों की समस्याओं को विस्तार से रखा। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के लंबित भुगतान, क्लेम बिल जनरेशन की प्रक्रिया शुरू करने, फीस बकाया होने के बावजूद ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) जारी करने की अनिवार्यता, दोहरे नामांकन, पीएस पोर्टल पर परीक्षा परिणाम अपलोड करने और मान्यता संबंधी नियमों में आ रही कठिनाइयों को प्रमुखता से उठाया।

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि आरटीई के तहत निजी विद्यालयों को मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि लंबे समय से लंबित है, जिससे अनेक विद्यालय आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। इस पर शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने आश्वासन दिया कि लंबित भुगतान और क्लेम बिल जनरेशन की प्रक्रिया को जल्द शुरू करवाने के प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्री-प्राइमरी कक्षाओं के आरटीई भुगतान को लेकर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश प्राप्त होने के बाद ही लिया जा सकेगा। हालांकि इस विषय पर विभाग लगातार आवश्यक प्रक्रिया में जुटा हुआ है।

बैठक में निजी विद्यालयों द्वारा उठाए गए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में फीस बकाया होने के बावजूद छात्रों की टीसी जारी करने की बाध्यता भी शामिल रही। विद्यालय संचालकों का कहना था कि इससे संस्थानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस पर निदेशक ने विभागीय अधिकारियों को व्यावहारिक और संतुलित समाधान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा मान्यता नियमों के सरलीकरण, कोचिंग संस्थानों के समय निर्धारण, विद्यालयों के श्रेणीकरण (कैटेगराइजेशन) तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने की मांग भी रखी गई। शिक्षा निदेशक ने इन सभी विषयों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने बैठक को सकारात्मक बताते हुए उम्मीद जताई कि सरकार और शिक्षा विभाग के सहयोग से निजी विद्यालयों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान जल्द संभव हो सकेगा, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।

Rajasthan Today

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