ग्रामीण सेवा शिविर बना पशुपालकों का सहारा, गाय की मौत के बाद पवन कंवर को मिली ₹15 हजार बीमा सहायता

पाली : राज्य सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण सेवा शिविर अब ग्रामीणों और पशुपालकों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनते जा रहे हैं। शिविरों के जरिए जहां वर्षों से लंबित समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है, वहीं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र लोगों तक तेजी से पहुंचाया जा रहा है। मंगलवार को देसूरी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सिंदरली में आयोजित शिविर में एक पशुपालक को मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 15 हजार रुपये की सहायता राशि मिलने से यह पहल फिर चर्चा में रही।
सिंदरली निवासी पवन कंवर ने बताया कि उन्होंने पशुपालन विभाग के माध्यम से अपनी गाय का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत निःशुल्क बीमा करवाया था। कुछ समय पूर्व गाय की असामयिक मृत्यु हो जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। बीमा दावा स्वीकृत होने के बाद योजना के तहत ₹15,000 की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा कर दी गई, जिससे उन्हें कठिन समय में आर्थिक संबल मिला।

पवन कंवर ने मुख्यमंत्री, राज्य सरकार और पशुपालन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना संकट की घड़ी में पशुपालकों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उनका कहना है कि ऐसी योजनाएं न केवल आर्थिक सुरक्षा देती हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को भी प्रोत्साहन प्रदान करती हैं।
मंगलवार को जिलेभर में ग्राम पंचायत कूरना, माण्डावास, मण्डला, अटबड़ा, गुड़ा रामसिंह, राणावास, सिंदरली, गजनीपुरा, भीमाणा, बेड़ा और चाणोद सहित विभिन्न स्थानों पर ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण करने के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया गया।

जिला प्रशासन के अनुसार आगामी दिनों में भी ग्रामीण सेवा शिविरों का सिलसिला जारी रहेगा—
1 जुलाई: डिगाई, सांवलता कला, खोखरा, खारिया सोडा, बांसोर, बासनी जोजावर, कोटड़ी, इटनदरा मेड़तियान, उपला भीमाणा, मालनू, बलूपुरा एवं बलाना।
2 जुलाई: सोडावास, राणा, गागुड़ा, झुपेलाव, हिंगोला खुर्द, भीमालिया, दादाई, जीवंद कला, ठंडी बेरी, आमलिया एवं बांकली।
3 जुलाई: गुरड़ाई, कुलथाना, बोयल, बासना, सेहवाज, निम्बली माण्डा, आना, करली, रामपुरा, नाना, बंसत एवं पावा।

ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से प्रशासन का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत मिली यह सहायता राशि इस बात का उदाहरण है कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरतमंदों के लिए किस तरह राहत का माध्यम बन रहा है।



