पाली में डेंगू-मलेरिया पर वार, 14 जुलाई तक चलेगा घर-घर स्वास्थ्य सर्वे, बुखार के मरीजों की होगी जांच

पाली : मानसून के दौरान बढ़ते डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य मौसमी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने पाली जिले के सभी शहरी क्षेत्रों में 7 जुलाई से 14 जुलाई 2026 तक विशेष सघन स्वास्थ्य सर्वे एवं जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत चिकित्सा दल घर-घर पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेंगे और बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करेंगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि अभियान के लिए माइक्रोप्लान तैयार कर विशेष चिकित्सा दलों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम प्रतिदिन 30 घरों का सर्वे करेगी तथा सर्वे की पूरी रिपोर्ट ओडीके मरुधरा पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करेगी।
सर्वे के दौरान दस्त, बुखार, सर्दी, खांसी और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित लोगों की पहचान कर उन्हें आवश्यक दवाइयों की किट उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही बीमारियों से बचाव के लिए पम्पलेट और जागरूकता सामग्री भी वितरित की जाएगी।
अभियान के दौरान चिकित्सा दल घरों में रखी पानी की टंकियों, कूलरों और अन्य जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण करेंगे। जहां मच्छरों का लार्वा मिलेगा, वहां टेमीफोस दवा का छिड़काव किया जाएगा और स्थायी जलभराव वाले स्थानों पर ऑयल बॉल डालकर मच्छरों के प्रजनन को रोका जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के फैलाव को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित करना है।

सर्वे के दौरान यदि किसी व्यक्ति में तेज बुखार या अन्य गंभीर लक्षण पाए जाते हैं तो उसकी स्वास्थ्य स्थिति का मौके पर मूल्यांकन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उसे नजदीकी सरकारी चिकित्सा संस्थान में जांच एवं उपचार के लिए भेजा जाएगा।
मलेरिया की आशंका वाले मरीजों के रक्त की स्लाइड भी तैयार की जाएगी, जबकि गंभीर या हाई-रिस्क मरीजों को सरकारी रेफरल ट्रांसपोर्ट सेवा के माध्यम से तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल पहुंचाया जाएगा।
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. वेदांत गर्ग ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि बुखार, सर्दी, खांसी या अन्य लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सलाह लें।
उन्होंने लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, पानी की टंकियों एवं कूलरों का पानी हर सात दिन में बदलने, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने तथा चिकित्सकों की सलाह के अनुसार ही दवाइयों का सेवन करने की अपील की।
सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने कहा कि अभियान की सफलता आमजन के सहयोग पर निर्भर है। उन्होंने नागरिकों से सर्वे दलों को सही जानकारी उपलब्ध कराने, घरों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने और मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को खत्म करने में सहयोग करने की अपील की।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर जांच, जागरूकता और जनभागीदारी के माध्यम से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य मौसमी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।



